व्रत और त्योहार — जनवरी 2026

राँची, Rānchī, Jharkhand, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-2026
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
03-01-2026
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
06-01-2026
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-01-2026
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशीसंक्रांति मकर संक्रांति · 15:07
16-01-2026
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
18-01-2026
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
23-01-2026
शुक्रवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
29-01-2026
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
30-01-2026
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2026 त्रयोदशी रोहिणी 06:30 17:14
02-01-2026 चतुर्दशी मृगशिरा 06:30 17:15
03-01-2026 पूर्णिमा आर्द्रा 06:30 17:15
04-01-2026 प्रतिपदा पुनर्वसु 06:30 17:16
05-01-2026 द्वितीया पुष्य 06:31 17:17
06-01-2026 तृतीया आश्लेषा 06:31 17:17
07-01-2026 चतुर्थी मघा 06:31 17:18
08-01-2026 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 06:31 17:19
09-01-2026 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 06:31 17:19
10-01-2026 सप्तमी हस्त 06:32 17:20
11-01-2026 अष्टमी चित्रा 06:32 17:21
12-01-2026 नवमी स्वाति 06:32 17:21
13-01-2026 दशमी विशाखा 06:32 17:22
14-01-2026 एकादशी अनुराधा 06:32 17:23
15-01-2026 द्वादशी ज्येष्ठा 06:32 17:24
16-01-2026 त्रयोदशी मूल 06:32 17:24
17-01-2026 चतुर्दशी मूल 06:32 17:25
18-01-2026 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 06:32 17:26
19-01-2026 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 06:32 17:26
20-01-2026 द्वितीया श्रवण 06:31 17:27
21-01-2026 तृतीया धनिष्ठा 06:31 17:28
22-01-2026 चतुर्थी शतभिषा 06:31 17:29
23-01-2026 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:31 17:29
24-01-2026 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:31 17:30
25-01-2026 सप्तमी रेवती 06:31 17:31
26-01-2026 अष्टमी अश्विनी 06:30 17:31
27-01-2026 नवमी भरणी 06:30 17:32
28-01-2026 दशमी कृत्तिका 06:30 17:33
29-01-2026 एकादशी रोहिणी 06:29 17:33
30-01-2026 द्वादशी आर्द्रा 06:29 17:34
31-01-2026 त्रयोदशी पुनर्वसु 06:29 17:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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