पुखराज
गुरु · गुरुवार प्रातःकाल
पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है — ज्ञान, गुरु, संतान और भाग्य का कारक।
और पढ़ें →कौन सा रत्न किस ग्रह का है, किसे सुझाया जाता है और परंपरागत रूप से कैसे धारण किया जाता है।
गुरु · गुरुवार प्रातःकाल
पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है — ज्ञान, गुरु, संतान और भाग्य का कारक।
और पढ़ें →शनि · शनिवार संध्या
नीलम शनि ग्रह का रत्न है — अनुशासन, परिश्रम और दीर्घकालिक परिणाम का कारक।
और पढ़ें →सूर्य · रविवार प्रातःकाल
माणिक्य सूर्य का रत्न है — मान-सम्मान, स्वास्थ्य और पिता का कारक।
और पढ़ें →चंद्र · सोमवार संध्या
मोती चंद्रमा का रत्न है — मन, माता और भावनाओं का कारक।
और पढ़ें →मंगल · मंगलवार प्रातःकाल
मूंगा मंगल का रत्न है — साहस, ऊर्जा और भूमि का कारक।
और पढ़ें →बुध · बुधवार प्रातःकाल
पन्ना बुध का रत्न है — बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक।
और पढ़ें →शुक्र · शुक्रवार प्रातःकाल
हीरा शुक्र का रत्न है — प्रेम, सुख, कला और विवाह का कारक।
और पढ़ें →राहु · शनिवार संध्या
गोमेद राहु का रत्न है — आकस्मिक परिवर्तन, विदेश और भ्रम से संबंधित।
और पढ़ें →केतु · बुधवार संध्या
लहसुनिया केतु का रत्न है — वैराग्य, अध्यात्म और गुप्त विषयों से संबंधित।
और पढ़ें →कौन सा रत्न आपके लिए उपयुक्त है, यह आपकी कुंडली तय करती है — केवल राशि नहीं।
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