सूर्य का तुला राशि में गोचर 17 अक्टूबर 2026: सभी 12 राशियों पर प्रभाव
🪐 प्रकाशित 11-10-2026, 05:01
सूर्य 17 अक्टूबर 2026 को 19:51 बजे कन्या से तुला राशि में जाएंगे। हर चंद्र राशि पर गोचर का प्रभाव।
सूर्य 17 अक्टूबर 2026 को 19:51 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) कन्या से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
ये 16 नवंबर 2026 तक तुला में रहेंगे।
इस गोचर का स्वभाव
सूर्य अधिकार, सरकार, पिता, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के कारक हैं। तुला सूर्य की नीच राशि है: यहां ये दुर्बल होते हैं, इसलिए इनके विषयों में अधिक सावधानी और धैर्य चाहिए। ये चित्रा नक्षत्र से तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
हर चंद्र राशि के लिए
गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। शास्त्रीय नियमों के अनुसार संक्षेप में:
- मेष (सातवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और व्यापारिक संबंध) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- वृषभ (छठे भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से छठे भाव (स्वास्थ्य, ऋण, प्रतिस्पर्धा और दैनिक कार्य) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मिथुन (पांचवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से पांचवें भाव (संतान, शिक्षा, प्रेम और विचार) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कर्क (चौथे भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव (घर, माता, संपत्ति और मन की शांति) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- सिंह (तीसरे भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन और छोटी यात्राएं) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- कन्या (दूसरे भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- तुला (पहले भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से पहले भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- वृश्चिक (बारहवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से बारहवें भाव (व्यय, नींद, विदेश और त्याग) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- धनु (ग्यारहवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव (लाभ, आय और मित्र) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मकर (दसवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से दसवें भाव (करियर, पद और सार्वजनिक जीवन) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- कुंभ (नौवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरु और लंबी यात्राएं) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- मीन (आठवें भाव): सूर्य आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव (अचानक परिवर्तन, शोध और पुराने विषय) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
सरल उपाय
मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन के लिए: रविवार को उगते सूर्य को जल दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
गोचर को अपनी कुंडली और चल रही दशा के साथ पढ़ें; किसी ग्रह का फल आपकी कुंडली में उसके बल पर निर्भर करता है।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।