उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अनुसार नाम
परंपरा से बच्चे का नाम उस अक्षर (नामाक्षर) से शुरू होता है जो जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र चरण का होता है। सटीक अक्षर के लिए जन्म विवरण भरें, या नक्षत्र चुनें।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — नामाक्षर
चरण 1: भे (Bhe)
इस अक्षर से कम ही प्रचलित नाम शुरू होते हैं; परिवार अक्सर इसी नक्षत्र के दूसरे चरण से नाम चुनते हैं।
चरण 2: भो (Bho)
इस अक्षर से कम ही प्रचलित नाम शुरू होते हैं; परिवार अक्सर इसी नक्षत्र के दूसरे चरण से नाम चुनते हैं।
चरण 3: जा (Ja)
- जय Jay लड़का विजय
- जान्वी Janvi लड़की गंगा
- जतिन Jatin लड़का जटाधारी शिव
- जयेश Jayesh लड़का विजय के स्वामी
- जागृति Jagriti लड़की जागरण
- जनक Janak लड़का पिता; सीता के पिता
- जया Jaya लड़की विजय; दुर्गा
- जाह्नवी Jahnavi लड़की गंगा
चरण 4: जी (Ji)
- जिगर Jigar लड़का हृदय
- जीविका Jivika लड़की आजीविका
- जितेंद्र Jitendra लड़का इंद्रियों को जीतने वाला
- जिया Jiya लड़की हृदय
नक्षत्र स्वामी: सूर्य। यह नक्षत्र धनु और मकर राशि में है।
अक्षर हिंदी पंचांग (अवकहड़ा चक्र) के अनुसार हैं। पंचांग की तरह ह्रस्व और दीर्घ स्वर एक ही ध्वनि माने गए हैं। नाम की पुष्टि अपने पुरोहित या ज्योतिषी से करें।