व्रत और त्योहार — मई 1951

आगरा, Āgra, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-05-1951
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
03-05-1951
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
04-05-1951
शुक्रवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
05-05-1951
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
09-05-1951
बुधवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
15-05-1951
मंगलवार
नवमी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 00:43
17-05-1951
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
21-05-1951
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
31-05-1951
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-1951 एकादशी शतभिषा 05:39 18:50
02-05-1951 द्वादशी पूर्वा भाद्रपद 05:39 18:51
03-05-1951 त्रयोदशी उत्तरा भाद्रपद 05:38 18:51
04-05-1951 चतुर्दशी रेवती 05:37 18:52
05-05-1951 अमावस्या अश्विनी 05:36 18:52
06-05-1951 अमावस्या भरणी 05:36 18:53
07-05-1951 प्रतिपदा कृत्तिका 05:35 18:54
08-05-1951 द्वितीया रोहिणी 05:34 18:54
09-05-1951 तृतीया मृगशिरा 05:33 18:55
10-05-1951 चतुर्थी आर्द्रा 05:33 18:55
11-05-1951 पंचमी पुनर्वसु 05:32 18:56
12-05-1951 षष्ठी पुनर्वसु 05:31 18:56
13-05-1951 सप्तमी पुष्य 05:31 18:57
14-05-1951 अष्टमी आश्लेषा 05:30 18:58
15-05-1951 नवमी मघा 05:30 18:58
16-05-1951 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 05:29 18:59
17-05-1951 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:29 18:59
18-05-1951 द्वादशी हस्त 05:28 19:00
19-05-1951 त्रयोदशी चित्रा 05:27 19:00
20-05-1951 चतुर्दशी स्वाति 05:27 19:01
21-05-1951 पूर्णिमा विशाखा 05:27 19:01
22-05-1951 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:26 19:02
23-05-1951 तृतीया मूल 05:26 19:03
24-05-1951 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 05:25 19:03
25-05-1951 पंचमी उत्तराषाढ़ा 05:25 19:04
26-05-1951 षष्ठी श्रवण 05:25 19:04
27-05-1951 सप्तमी धनिष्ठा 05:24 19:05
28-05-1951 अष्टमी शतभिषा 05:24 19:05
29-05-1951 नवमी पूर्वा भाद्रपद 05:24 19:06
30-05-1951 दशमी उत्तरा भाद्रपद 05:23 19:06
31-05-1951 एकादशी रेवती 05:23 19:07

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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