व्रत और त्योहार — नवंबर 1952

आगरा, Āgra, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-11-1952
शनिवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
त्योहार कार्तिक पूर्णिमा · गुरु नानक जयंती · देव दीपावली
05-11-1952
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-11-1952
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत उत्पन्ना एकादशी
15-11-1952
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति वृश्चिक संक्रांति · 20:29
17-11-1952
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
27-11-1952
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
29-11-1952
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-11-1952 चतुर्दशी अश्विनी 06:27 17:35
02-11-1952 प्रतिपदा भरणी 06:28 17:34
03-11-1952 द्वितीया कृत्तिका 06:29 17:33
04-11-1952 तृतीया रोहिणी 06:29 17:33
05-11-1952 चतुर्थी मृगशिरा 06:30 17:32
06-11-1952 पंचमी आर्द्रा 06:31 17:31
07-11-1952 षष्ठी पुनर्वसु 06:31 17:31
08-11-1952 सप्तमी पुष्य 06:32 17:30
09-11-1952 सप्तमी आश्लेषा 06:33 17:30
10-11-1952 अष्टमी आश्लेषा 06:33 17:29
11-11-1952 नवमी मघा 06:34 17:28
12-11-1952 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 06:35 17:28
13-11-1952 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 06:36 17:27
14-11-1952 द्वादशी हस्त 06:36 17:27
15-11-1952 त्रयोदशी चित्रा 06:37 17:27
16-11-1952 चतुर्दशी स्वाति 06:38 17:26
17-11-1952 अमावस्या विशाखा 06:39 17:26
18-11-1952 प्रतिपदा अनुराधा 06:39 17:26
19-11-1952 द्वितीया ज्येष्ठा 06:40 17:25
20-11-1952 तृतीया मूल 06:41 17:25
21-11-1952 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 06:42 17:25
22-11-1952 पंचमी उत्तराषाढ़ा 06:43 17:24
23-11-1952 षष्ठी श्रवण 06:43 17:24
24-11-1952 अष्टमी धनिष्ठा 06:44 17:24
25-11-1952 नवमी शतभिषा 06:45 17:24
26-11-1952 दशमी पूर्वा भाद्रपद 06:46 17:24
27-11-1952 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 06:46 17:24
28-11-1952 द्वादशी रेवती 06:47 17:23
29-11-1952 त्रयोदशी अश्विनी 06:48 17:23
30-11-1952 चतुर्दशी भरणी 06:49 17:23

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

कुछ गड़बड़ हुई। फिर से लोड करें 🗙

Rejoining the server...

Rejoin failed... trying again in seconds.

Failed to rejoin.
Please retry or reload the page.

The session has been paused by the server.

Failed to resume the session.
Please retry or reload the page.