व्रत और त्योहार — दिसंबर 2055

आगरा, Āgra, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-2055
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
04-12-2055
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
07-12-2055
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-12-2055
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
16-12-2055
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति धनु संक्रांति · 20:58
18-12-2055
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
29-12-2055
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
31-12-2055
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2055 त्रयोदशी अश्विनी 06:49 17:23
02-12-2055 त्रयोदशी भरणी 06:50 17:23
03-12-2055 चतुर्दशी कृत्तिका 06:51 17:23
04-12-2055 पूर्णिमा रोहिणी 06:51 17:23
05-12-2055 प्रतिपदा मृगशिरा 06:52 17:23
06-12-2055 द्वितीया आर्द्रा 06:53 17:24
07-12-2055 तृतीया पुनर्वसु 06:54 17:24
08-12-2055 चतुर्थी पुष्य 06:54 17:24
09-12-2055 पंचमी आश्लेषा 06:55 17:24
10-12-2055 षष्ठी मघा 06:56 17:24
11-12-2055 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:56 17:25
12-12-2055 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:57 17:25
13-12-2055 दशमी हस्त 06:58 17:25
14-12-2055 एकादशी चित्रा 06:58 17:25
15-12-2055 द्वादशी स्वाति 06:59 17:26
16-12-2055 त्रयोदशी विशाखा 06:59 17:26
17-12-2055 चतुर्दशी अनुराधा 07:00 17:27
18-12-2055 अमावस्या ज्येष्ठा 07:01 17:27
19-12-2055 प्रतिपदा मूल 07:01 17:27
20-12-2055 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:02 17:28
21-12-2055 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:02 17:28
22-12-2055 चतुर्थी श्रवण 07:03 17:29
23-12-2055 पंचमी धनिष्ठा 07:03 17:29
24-12-2055 षष्ठी शतभिषा 07:04 17:30
25-12-2055 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:04 17:31
26-12-2055 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:05 17:31
27-12-2055 नवमी रेवती 07:05 17:32
28-12-2055 दशमी अश्विनी 07:05 17:32
29-12-2055 एकादशी भरणी 07:06 17:33
30-12-2055 द्वादशी कृत्तिका 07:06 17:34
31-12-2055 त्रयोदशी रोहिणी 07:06 17:34

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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