व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2057

भोपाल, Bhopāl, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-2057
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
02-02-2057
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
03-02-2057
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
08-02-2057
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
13-02-2057
मंगलवार
नवमी, शुक्ल पक्ष
माघ
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 02:50
15-02-2057
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
16-02-2057
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-02-2057
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
22-02-2057
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2057 द्वादशी मूल 07:00 18:08
02-02-2057 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 06:59 18:08
03-02-2057 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 06:59 18:09
04-02-2057 प्रतिपदा श्रवण 06:58 18:09
05-02-2057 द्वितीया शतभिषा 06:58 18:10
06-02-2057 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:57 18:11
07-02-2057 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:57 18:11
08-02-2057 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 06:56 18:12
09-02-2057 षष्ठी रेवती 06:56 18:13
10-02-2057 सप्तमी अश्विनी 06:55 18:13
11-02-2057 अष्टमी भरणी 06:54 18:14
12-02-2057 अष्टमी कृत्तिका 06:54 18:14
13-02-2057 नवमी रोहिणी 06:53 18:15
14-02-2057 दशमी मृगशिरा 06:53 18:16
15-02-2057 एकादशी आर्द्रा 06:52 18:16
16-02-2057 द्वादशी पुनर्वसु 06:51 18:17
17-02-2057 त्रयोदशी पुष्य 06:51 18:17
18-02-2057 चतुर्दशी आश्लेषा 06:50 18:18
19-02-2057 पूर्णिमा मघा 06:49 18:18
20-02-2057 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 06:48 18:19
21-02-2057 द्वितीया उत्तरा फाल्गुनी 06:48 18:19
22-02-2057 तृतीया हस्त 06:47 18:20
23-02-2057 चतुर्थी चित्रा 06:46 18:20
24-02-2057 पंचमी स्वाति 06:45 18:21
25-02-2057 षष्ठी विशाखा 06:45 18:21
26-02-2057 अष्टमी अनुराधा 06:44 18:22
27-02-2057 नवमी ज्येष्ठा 06:43 18:22
28-02-2057 दशमी मूल 06:42 18:23

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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