व्रत और त्योहार — दिसंबर 2087

भोपाल, Bhopāl, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-12-2087
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
07-12-2087
रविवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-12-2087
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
17-12-2087
बुधवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 01:52
20-12-2087
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
22-12-2087
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
23-12-2087
मंगलवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
24-12-2087
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2087 षष्ठी श्रवण 06:44 17:33
02-12-2087 सप्तमी धनिष्ठा 06:45 17:33
03-12-2087 अष्टमी शतभिषा 06:45 17:34
04-12-2087 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:46 17:34
05-12-2087 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:47 17:34
06-12-2087 एकादशी रेवती 06:47 17:34
07-12-2087 द्वादशी अश्विनी 06:48 17:34
08-12-2087 त्रयोदशी भरणी 06:49 17:34
09-12-2087 चतुर्दशी कृत्तिका 06:49 17:35
10-12-2087 प्रतिपदा मृगशिरा 06:50 17:35
11-12-2087 द्वितीया आर्द्रा 06:51 17:35
12-12-2087 तृतीया पुनर्वसु 06:51 17:36
13-12-2087 चतुर्थी पुष्य 06:52 17:36
14-12-2087 पंचमी आश्लेषा 06:53 17:36
15-12-2087 षष्ठी मघा 06:53 17:37
16-12-2087 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:54 17:37
17-12-2087 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:54 17:37
18-12-2087 नवमी हस्त 06:55 17:38
19-12-2087 दशमी चित्रा 06:55 17:38
20-12-2087 एकादशी स्वाति 06:56 17:39
21-12-2087 द्वादशी विशाखा 06:56 17:39
22-12-2087 त्रयोदशी विशाखा 06:57 17:40
23-12-2087 चतुर्दशी अनुराधा 06:57 17:40
24-12-2087 अमावस्या ज्येष्ठा 06:58 17:41
25-12-2087 अमावस्या मूल 06:58 17:41
26-12-2087 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 06:59 17:42
27-12-2087 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 06:59 17:42
28-12-2087 तृतीया श्रवण 07:00 17:43
29-12-2087 चतुर्थी धनिष्ठा 07:00 17:44
30-12-2087 पंचमी शतभिषा 07:00 17:44
31-12-2087 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:01 17:45

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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