व्रत और त्योहार — जनवरी 2022

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-2022
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
02-01-2022
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
13-01-2022
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
14-01-2022
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
संक्रांति मकर संक्रांति · 14:29
15-01-2022
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
17-01-2022
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
21-01-2022
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
28-01-2022
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
30-01-2022
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2022 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:13 17:35
02-01-2022 अमावस्या मूल 07:13 17:36
03-01-2022 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:14 17:36
04-01-2022 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:14 17:37
05-01-2022 तृतीया श्रवण 07:14 17:38
06-01-2022 चतुर्थी शतभिषा 07:14 17:39
07-01-2022 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:14 17:39
08-01-2022 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 07:14 17:40
09-01-2022 सप्तमी रेवती 07:14 17:41
10-01-2022 अष्टमी रेवती 07:14 17:42
11-01-2022 नवमी अश्विनी 07:14 17:43
12-01-2022 दशमी भरणी 07:14 17:43
13-01-2022 एकादशी कृत्तिका 07:14 17:44
14-01-2022 द्वादशी रोहिणी 07:14 17:45
15-01-2022 त्रयोदशी मृगशिरा 07:14 17:46
16-01-2022 चतुर्दशी आर्द्रा 07:14 17:47
17-01-2022 पूर्णिमा पुनर्वसु 07:14 17:47
18-01-2022 प्रतिपदा पुष्य 07:14 17:48
19-01-2022 द्वितीया आश्लेषा 07:14 17:49
20-01-2022 द्वितीया आश्लेषा 07:13 17:50
21-01-2022 तृतीया मघा 07:13 17:51
22-01-2022 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 07:13 17:52
23-01-2022 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 07:13 17:52
24-01-2022 षष्ठी हस्त 07:12 17:53
25-01-2022 सप्तमी चित्रा 07:12 17:54
26-01-2022 नवमी स्वाति 07:11 17:55
27-01-2022 दशमी विशाखा 07:11 17:56
28-01-2022 एकादशी ज्येष्ठा 07:11 17:57
29-01-2022 द्वादशी मूल 07:10 17:57
30-01-2022 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 07:10 17:58
31-01-2022 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:09 17:59

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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