व्रत और त्योहार — जून 1964

फरीदाबाद, Faridabad District, Haryana, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-06-1964
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
08-06-1964
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
10-06-1964
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
14-06-1964
रविवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 15:23
19-06-1964
शुक्रवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
20-06-1964
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
22-06-1964
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-06-1964
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
28-06-1964
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-1964 षष्ठी श्रवण 05:23 19:13
02-06-1964 सप्तमी धनिष्ठा 05:23 19:14
03-06-1964 अष्टमी शतभिषा 05:23 19:14
04-06-1964 नवमी पूर्वा भाद्रपद 05:22 19:15
05-06-1964 दशमी उत्तरा भाद्रपद 05:22 19:15
06-06-1964 एकादशी रेवती 05:22 19:16
07-06-1964 द्वादशी अश्विनी 05:22 19:16
08-06-1964 त्रयोदशी भरणी 05:22 19:16
09-06-1964 चतुर्दशी कृत्तिका 05:22 19:17
10-06-1964 अमावस्या रोहिणी 05:22 19:17
11-06-1964 प्रतिपदा आर्द्रा 05:22 19:18
12-06-1964 तृतीया पुनर्वसु 05:22 19:18
13-06-1964 चतुर्थी पुष्य 05:22 19:18
14-06-1964 पंचमी आश्लेषा 05:22 19:19
15-06-1964 षष्ठी मघा 05:22 19:19
16-06-1964 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 05:22 19:19
17-06-1964 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 05:22 19:20
18-06-1964 नवमी हस्त 05:23 19:20
19-06-1964 दशमी चित्रा 05:23 19:20
20-06-1964 एकादशी स्वाति 05:23 19:20
21-06-1964 द्वादशी विशाखा 05:23 19:21
22-06-1964 त्रयोदशी अनुराधा 05:23 19:21
23-06-1964 चतुर्दशी अनुराधा 05:24 19:21
24-06-1964 पूर्णिमा ज्येष्ठा 05:24 19:21
25-06-1964 पूर्णिमा मूल 05:24 19:21
26-06-1964 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 05:24 19:21
27-06-1964 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 05:25 19:22
28-06-1964 तृतीया श्रवण 05:25 19:22
29-06-1964 चतुर्थी धनिष्ठा 05:25 19:22
30-06-1964 पंचमी शतभिषा 05:26 19:22

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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