व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1966

फरीदाबाद, Faridabad District, Haryana, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-1966
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
03-02-1966
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-02-1966
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
08-02-1966
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
12-02-1966
शनिवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 18:48
15-02-1966
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
17-02-1966
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-02-1966
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
20-02-1966
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1966 दशमी रोहिणी 07:08 18:00
02-02-1966 एकादशी मृगशिरा 07:08 18:01
03-02-1966 द्वादशी आर्द्रा 07:07 18:01
04-02-1966 चतुर्दशी पुनर्वसु 07:07 18:02
05-02-1966 पूर्णिमा पुष्य 07:06 18:03
06-02-1966 प्रतिपदा आश्लेषा 07:05 18:04
07-02-1966 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 07:05 18:04
08-02-1966 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 07:04 18:05
09-02-1966 चतुर्थी हस्त 07:03 18:06
10-02-1966 षष्ठी चित्रा 07:03 18:07
11-02-1966 सप्तमी स्वाति 07:02 18:08
12-02-1966 अष्टमी विशाखा 07:01 18:08
13-02-1966 नवमी अनुराधा 07:00 18:09
14-02-1966 दशमी ज्येष्ठा 07:00 18:10
15-02-1966 एकादशी मूल 06:59 18:11
16-02-1966 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:58 18:11
17-02-1966 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:57 18:12
18-02-1966 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:56 18:13
19-02-1966 चतुर्दशी श्रवण 06:55 18:13
20-02-1966 अमावस्या धनिष्ठा 06:54 18:14
21-02-1966 प्रतिपदा शतभिषा 06:54 18:15
22-02-1966 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:53 18:15
23-02-1966 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:52 18:16
24-02-1966 चतुर्थी रेवती 06:51 18:17
25-02-1966 पंचमी अश्विनी 06:50 18:18
26-02-1966 षष्ठी भरणी 06:49 18:18
27-02-1966 सप्तमी कृत्तिका 06:48 18:19
28-02-1966 अष्टमी रोहिणी 06:47 18:19

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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