व्रत और त्योहार — दिसंबर 2052

फरीदाबाद, Faridabad District, Haryana, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-12-2052
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
04-12-2052
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
06-12-2052
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
09-12-2052
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-2052
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशीसंक्रांति धनु संक्रांति · 02:25
18-12-2052
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-12-2052
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
21-12-2052
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2052 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:55 17:24
02-12-2052 एकादशी रेवती 06:56 17:24
03-12-2052 द्वादशी अश्विनी 06:57 17:24
04-12-2052 त्रयोदशी भरणी 06:57 17:24
05-12-2052 चतुर्दशी कृत्तिका 06:58 17:24
06-12-2052 पूर्णिमा रोहिणी 06:59 17:24
07-12-2052 प्रतिपदा मृगशिरा 07:00 17:24
08-12-2052 तृतीया आर्द्रा 07:00 17:24
09-12-2052 चतुर्थी पुनर्वसु 07:01 17:24
10-12-2052 पंचमी आश्लेषा 07:02 17:25
11-12-2052 षष्ठी मघा 07:02 17:25
12-12-2052 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:03 17:25
13-12-2052 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:04 17:26
14-12-2052 नवमी हस्त 07:04 17:26
15-12-2052 दशमी हस्त 07:05 17:26
16-12-2052 एकादशी चित्रा 07:05 17:27
17-12-2052 द्वादशी स्वाति 07:06 17:27
18-12-2052 त्रयोदशी विशाखा 07:07 17:27
19-12-2052 चतुर्दशी अनुराधा 07:07 17:28
20-12-2052 चतुर्दशी ज्येष्ठा 07:08 17:28
21-12-2052 अमावस्या मूल 07:08 17:29
22-12-2052 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:09 17:29
23-12-2052 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:09 17:30
24-12-2052 तृतीया श्रवण 07:10 17:30
25-12-2052 चतुर्थी श्रवण 07:10 17:31
26-12-2052 पंचमी धनिष्ठा 07:10 17:32
27-12-2052 षष्ठी शतभिषा 07:11 17:32
28-12-2052 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:11 17:33
29-12-2052 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:11 17:34
30-12-2052 नवमी रेवती 07:12 17:34
31-12-2052 दशमी अश्विनी 07:12 17:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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