व्रत और त्योहार — जनवरी 1953

इंदूर, Indore, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-01-1953
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
11-01-1953
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
13-01-1953
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंसंक्रांति मकर संक्रांति · 21:44
15-01-1953
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
19-01-1953
सोमवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
25-01-1953
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
27-01-1953
मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-01-1953
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-1953 प्रतिपदा पुनर्वसु 07:06 17:53
02-01-1953 द्वितीया पुष्य 07:07 17:54
03-01-1953 तृतीया आश्लेषा 07:07 17:54
04-01-1953 चतुर्थी मघा 07:07 17:55
05-01-1953 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:07 17:56
06-01-1953 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 07:08 17:56
07-01-1953 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 07:08 17:57
08-01-1953 अष्टमी हस्त 07:08 17:58
09-01-1953 नवमी चित्रा 07:08 17:58
10-01-1953 दशमी स्वाति 07:08 17:59
11-01-1953 एकादशी विशाखा 07:09 18:00
12-01-1953 द्वादशी अनुराधा 07:09 18:00
13-01-1953 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:09 18:01
14-01-1953 चतुर्दशी मूल 07:09 18:02
15-01-1953 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 07:09 18:03
16-01-1953 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 07:09 18:03
17-01-1953 द्वितीया धनिष्ठा 07:09 18:04
18-01-1953 तृतीया शतभिषा 07:09 18:05
19-01-1953 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:09 18:05
20-01-1953 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 07:09 18:06
21-01-1953 सप्तमी रेवती 07:08 18:07
22-01-1953 अष्टमी अश्विनी 07:08 18:07
23-01-1953 नवमी भरणी 07:08 18:08
24-01-1953 दशमी कृत्तिका 07:08 18:09
25-01-1953 एकादशी रोहिणी 07:08 18:10
26-01-1953 द्वादशी मृगशिरा 07:07 18:10
27-01-1953 त्रयोदशी आर्द्रा 07:07 18:11
28-01-1953 चतुर्दशी पुनर्वसु 07:07 18:12
29-01-1953 पूर्णिमा पुष्य 07:07 18:12
30-01-1953 प्रतिपदा आश्लेषा 07:06 18:13
31-01-1953 प्रतिपदा आश्लेषा 07:06 18:14

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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