व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1986

इंदूर, Indore, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-02-1986
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
06-02-1986
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-02-1986
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
12-02-1986
बुधवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
माघ
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 21:49
13-02-1986
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
20-02-1986
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
22-02-1986
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-02-1986
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
27-02-1986
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1986 सप्तमी चित्रा 07:06 18:14
02-02-1986 अष्टमी स्वाति 07:05 18:15
03-02-1986 नवमी विशाखा 07:05 18:15
04-02-1986 दशमी अनुराधा 07:04 18:16
05-02-1986 एकादशी मूल 07:04 18:17
06-02-1986 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 07:03 18:17
07-02-1986 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 07:03 18:18
08-02-1986 चतुर्दशी श्रवण 07:02 18:19
09-02-1986 प्रतिपदा धनिष्ठा 07:02 18:19
10-02-1986 द्वितीया शतभिषा 07:01 18:20
11-02-1986 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 07:01 18:20
12-02-1986 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 07:00 18:21
13-02-1986 पंचमी रेवती 07:00 18:22
14-02-1986 पंचमी अश्विनी 06:59 18:22
15-02-1986 षष्ठी अश्विनी 06:58 18:23
16-02-1986 सप्तमी भरणी 06:58 18:23
17-02-1986 अष्टमी कृत्तिका 06:57 18:24
18-02-1986 नवमी रोहिणी 06:56 18:24
19-02-1986 दशमी मृगशिरा 06:56 18:25
20-02-1986 एकादशी आर्द्रा 06:55 18:25
21-02-1986 द्वादशी पुनर्वसु 06:54 18:26
22-02-1986 त्रयोदशी पुष्य 06:53 18:26
23-02-1986 चतुर्दशी आश्लेषा 06:53 18:27
24-02-1986 पूर्णिमा मघा 06:52 18:27
25-02-1986 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 06:51 18:28
26-02-1986 द्वितीया उत्तरा फाल्गुनी 06:50 18:28
27-02-1986 तृतीया हस्त 06:50 18:29
28-02-1986 चतुर्थी चित्रा 06:49 18:29

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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