व्रत और त्योहार — जून 2060

जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
08-06-2060
मंगलवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
09-06-2060
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
11-06-2060
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-06-2060
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
15-06-2060
मंगलवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 05:59
17-06-2060
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
24-06-2060
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
25-06-2060
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-06-2060
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-06-2060
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2060 तृतीया आर्द्रा 05:32 19:17
02-06-2060 चतुर्थी पुनर्वसु 05:32 19:17
03-06-2060 पंचमी पुष्य 05:32 19:18
04-06-2060 षष्ठी आश्लेषा 05:32 19:18
05-06-2060 सप्तमी मघा 05:32 19:18
06-06-2060 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 05:32 19:19
07-06-2060 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 05:32 19:19
08-06-2060 दशमी हस्त 05:32 19:20
09-06-2060 एकादशी चित्रा 05:32 19:20
10-06-2060 द्वादशी स्वाति 05:32 19:20
11-06-2060 त्रयोदशी विशाखा 05:32 19:21
12-06-2060 त्रयोदशी विशाखा 05:32 19:21
13-06-2060 चतुर्दशी अनुराधा 05:32 19:21
14-06-2060 पूर्णिमा ज्येष्ठा 05:32 19:22
15-06-2060 प्रतिपदा मूल 05:32 19:22
16-06-2060 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 05:32 19:22
17-06-2060 तृतीया उत्तराषाढ़ा 05:32 19:23
18-06-2060 चतुर्थी श्रवण 05:32 19:23
19-06-2060 पंचमी धनिष्ठा 05:33 19:23
20-06-2060 सप्तमी शतभिषा 05:33 19:23
21-06-2060 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 05:33 19:24
22-06-2060 नवमी उत्तरा भाद्रपद 05:33 19:24
23-06-2060 दशमी रेवती 05:34 19:24
24-06-2060 एकादशी भरणी 05:34 19:24
25-06-2060 द्वादशी कृत्तिका 05:34 19:24
26-06-2060 त्रयोदशी रोहिणी 05:34 19:24
27-06-2060 चतुर्दशी मृगशिरा 05:35 19:25
28-06-2060 अमावस्या आर्द्रा 05:35 19:25
29-06-2060 प्रतिपदा पुनर्वसु 05:35 19:25
30-06-2060 द्वितीया पुष्य 05:36 19:25

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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