व्रत और त्योहार — जुलाई 2022

Kallakurichi, Kallakurichi district, Tamil Nadu, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
10-07-2022
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
11-07-2022
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-07-2022
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
16-07-2022
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय परसंक्रांति कर्क संक्रांति · 22:57
24-07-2022
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशी
25-07-2022
सोमवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-07-2022
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-07-2022
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-2022 द्वितीया पुष्य 05:53 18:42
02-07-2022 तृतीया आश्लेषा 05:54 18:42
03-07-2022 चतुर्थी आश्लेषा 05:54 18:42
04-07-2022 पंचमी मघा 05:54 18:42
05-07-2022 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 05:54 18:42
06-07-2022 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 05:55 18:42
07-07-2022 अष्टमी हस्त 05:55 18:42
08-07-2022 नवमी चित्रा 05:55 18:42
09-07-2022 दशमी स्वाति 05:55 18:42
10-07-2022 एकादशी विशाखा 05:56 18:42
11-07-2022 द्वादशी अनुराधा 05:56 18:42
12-07-2022 त्रयोदशी मूल 05:56 18:42
13-07-2022 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 05:56 18:42
14-07-2022 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 05:57 18:42
15-07-2022 द्वितीया श्रवण 05:57 18:42
16-07-2022 तृतीया धनिष्ठा 05:57 18:42
17-07-2022 चतुर्थी शतभिषा 05:57 18:42
18-07-2022 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 05:58 18:42
19-07-2022 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 05:58 18:42
20-07-2022 सप्तमी रेवती 05:58 18:42
21-07-2022 अष्टमी अश्विनी 05:58 18:42
22-07-2022 नवमी भरणी 05:59 18:42
23-07-2022 दशमी कृत्तिका 05:59 18:41
24-07-2022 एकादशी रोहिणी 05:59 18:41
25-07-2022 द्वादशी मृगशिरा 05:59 18:41
26-07-2022 त्रयोदशी आर्द्रा 06:00 18:41
27-07-2022 चतुर्दशी पुनर्वसु 06:00 18:41
28-07-2022 अमावस्या पुनर्वसु 06:00 18:40
29-07-2022 प्रतिपदा पुष्य 06:00 18:40
30-07-2022 द्वितीया आश्लेषा 06:00 18:40
31-07-2022 तृतीया मघा 06:01 18:40

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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