व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1952

Kalyān, Thane, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-02-1952
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
08-02-1952
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
10-02-1952
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
13-02-1952
बुधवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 04:34
14-02-1952
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
21-02-1952
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
23-02-1952
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंव्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-02-1952
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1952 षष्ठी रेवती 07:12 18:29
02-02-1952 सप्तमी अश्विनी 07:11 18:30
03-02-1952 अष्टमी भरणी 07:11 18:31
04-02-1952 नवमी कृत्तिका 07:11 18:31
05-02-1952 दशमी रोहिणी 07:10 18:32
06-02-1952 एकादशी मृगशिरा 07:10 18:32
07-02-1952 द्वादशी आर्द्रा 07:10 18:33
08-02-1952 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:09 18:33
09-02-1952 चतुर्दशी पुष्य 07:09 18:34
10-02-1952 पूर्णिमा आश्लेषा 07:08 18:34
11-02-1952 प्रतिपदा आश्लेषा 07:08 18:35
12-02-1952 प्रतिपदा मघा 07:08 18:35
13-02-1952 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 07:07 18:36
14-02-1952 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 07:07 18:36
15-02-1952 चतुर्थी हस्त 07:06 18:37
16-02-1952 पंचमी चित्रा 07:05 18:37
17-02-1952 षष्ठी स्वाति 07:05 18:38
18-02-1952 सप्तमी विशाखा 07:04 18:38
19-02-1952 अष्टमी अनुराधा 07:04 18:38
20-02-1952 नवमी ज्येष्ठा 07:03 18:39
21-02-1952 एकादशी मूल 07:03 18:39
22-02-1952 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 07:02 18:40
23-02-1952 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 07:01 18:40
24-02-1952 चतुर्दशी श्रवण 07:01 18:40
25-02-1952 अमावस्या शतभिषा 07:00 18:41
26-02-1952 प्रतिपदा पूर्वा भाद्रपद 06:59 18:41
27-02-1952 द्वितीया उत्तरा भाद्रपद 06:59 18:42
28-02-1952 तृतीया रेवती 06:58 18:42
29-02-1952 पंचमी अश्विनी 06:57 18:42

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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