व्रत और त्योहार — जुलाई 1935

कानपुर, Kānpur, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
12-07-1935
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
13-07-1935
शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
16-07-1935
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमासंक्रांति कर्क संक्रांति · 16:00
19-07-1935
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
26-07-1935
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशी
27-07-1935
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
28-07-1935
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
30-07-1935
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-1935 प्रतिपदा आर्द्रा 05:18 19:05
02-07-1935 द्वितीया पुनर्वसु 05:18 19:05
03-07-1935 तृतीया पुष्य 05:19 19:05
04-07-1935 तृतीया आश्लेषा 05:19 19:05
05-07-1935 चतुर्थी मघा 05:19 19:05
06-07-1935 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 05:20 19:05
07-07-1935 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 05:20 19:05
08-07-1935 सप्तमी हस्त 05:21 19:05
09-07-1935 अष्टमी चित्रा 05:21 19:05
10-07-1935 नवमी चित्रा 05:21 19:05
11-07-1935 दशमी स्वाति 05:22 19:05
12-07-1935 एकादशी विशाखा 05:22 19:04
13-07-1935 द्वादशी अनुराधा 05:23 19:04
14-07-1935 त्रयोदशी ज्येष्ठा 05:23 19:04
15-07-1935 चतुर्दशी मूल 05:24 19:04
16-07-1935 पूर्णिमा उत्तराषाढ़ा 05:24 19:03
17-07-1935 प्रतिपदा श्रवण 05:25 19:03
18-07-1935 तृतीया धनिष्ठा 05:25 19:03
19-07-1935 चतुर्थी शतभिषा 05:26 19:02
20-07-1935 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 05:26 19:02
21-07-1935 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 05:27 19:02
22-07-1935 सप्तमी रेवती 05:27 19:01
23-07-1935 अष्टमी अश्विनी 05:28 19:01
24-07-1935 नवमी भरणी 05:28 19:00
25-07-1935 दशमी कृत्तिका 05:29 19:00
26-07-1935 एकादशी रोहिणी 05:29 18:59
27-07-1935 द्वादशी मृगशिरा 05:30 18:59
28-07-1935 त्रयोदशी आर्द्रा 05:30 18:58
29-07-1935 चतुर्दशी पुनर्वसु 05:31 18:58
30-07-1935 अमावस्या पुष्य 05:31 18:57
31-07-1935 प्रतिपदा आश्लेषा 05:32 18:57

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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