व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1963

कानपुर, Kānpur, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-02-1963
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
06-02-1963
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-02-1963
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
12-02-1963
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-02-1963
बुधवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 00:18
20-02-1963
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
21-02-1963
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
22-02-1963
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
24-02-1963
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1963 अष्टमी भरणी 06:53 17:50
02-02-1963 नवमी कृत्तिका 06:53 17:51
03-02-1963 दशमी रोहिणी 06:52 17:52
04-02-1963 एकादशी मृगशिरा 06:52 17:53
05-02-1963 द्वादशी आर्द्रा 06:51 17:53
06-02-1963 त्रयोदशी पुनर्वसु 06:51 17:54
07-02-1963 चतुर्दशी पुष्य 06:50 17:55
08-02-1963 पूर्णिमा आश्लेषा 06:49 17:56
09-02-1963 प्रतिपदा मघा 06:49 17:56
10-02-1963 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:48 17:57
11-02-1963 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 06:47 17:58
12-02-1963 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 06:47 17:58
13-02-1963 पंचमी हस्त 06:46 17:59
14-02-1963 षष्ठी चित्रा 06:45 18:00
15-02-1963 षष्ठी स्वाति 06:45 18:00
16-02-1963 सप्तमी विशाखा 06:44 18:01
17-02-1963 अष्टमी अनुराधा 06:43 18:02
18-02-1963 नवमी ज्येष्ठा 06:42 18:02
19-02-1963 दशमी मूल 06:42 18:03
20-02-1963 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:41 18:04
21-02-1963 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:40 18:04
22-02-1963 त्रयोदशी श्रवण 06:39 18:05
23-02-1963 चतुर्दशी धनिष्ठा 06:38 18:06
24-02-1963 अमावस्या शतभिषा 06:37 18:06
25-02-1963 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:36 18:07
26-02-1963 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:35 18:07
27-02-1963 चतुर्थी रेवती 06:35 18:08
28-02-1963 पंचमी अश्विनी 06:34 18:09

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

कुछ गड़बड़ हुई। फिर से लोड करें 🗙

Rejoining the server...

Rejoin failed... trying again in seconds.

Failed to rejoin.
Please retry or reload the page.

The session has been paused by the server.

Failed to resume the session.
Please retry or reload the page.