व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2000

कानपुर, Kānpur, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-2000
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
02-02-2000
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
03-02-2000
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
05-02-2000
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
10-02-2000
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
13-02-2000
रविवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष
माघ
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 11:58
16-02-2000
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
17-02-2000
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-02-2000
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
22-02-2000
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2000 एकादशी ज्येष्ठा 06:53 17:50
02-02-2000 द्वादशी मूल 06:53 17:51
03-02-2000 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 06:52 17:52
04-02-2000 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 06:52 17:53
05-02-2000 अमावस्या श्रवण 06:51 17:53
06-02-2000 प्रतिपदा धनिष्ठा 06:51 17:54
07-02-2000 द्वितीया शतभिषा 06:50 17:55
08-02-2000 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:49 17:55
09-02-2000 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:49 17:56
10-02-2000 पंचमी रेवती 06:48 17:57
11-02-2000 षष्ठी अश्विनी 06:47 17:58
12-02-2000 सप्तमी भरणी 06:47 17:58
13-02-2000 अष्टमी कृत्तिका 06:46 17:59
14-02-2000 नवमी रोहिणी 06:45 18:00
15-02-2000 दशमी मृगशिरा 06:45 18:00
16-02-2000 एकादशी आर्द्रा 06:44 18:01
17-02-2000 त्रयोदशी पुनर्वसु 06:43 18:02
18-02-2000 चतुर्दशी पुष्य 06:42 18:02
19-02-2000 पूर्णिमा आश्लेषा 06:41 18:03
20-02-2000 प्रतिपदा मघा 06:41 18:04
21-02-2000 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:40 18:04
22-02-2000 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:39 18:05
23-02-2000 चतुर्थी हस्त 06:38 18:05
24-02-2000 पंचमी चित्रा 06:37 18:06
25-02-2000 षष्ठी स्वाति 06:36 18:07
26-02-2000 सप्तमी विशाखा 06:35 18:07
27-02-2000 अष्टमी अनुराधा 06:34 18:08
28-02-2000 नवमी ज्येष्ठा 06:33 18:08
29-02-2000 दशमी मूल 06:33 18:09

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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