व्रत और त्योहार — अप्रैल 1958

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-04-1958
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
13-04-1958
रविवार
दशमी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
संक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 22:59
14-04-1958
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
16-04-1958
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
17-04-1958
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
19-04-1958
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
22-04-1958
मंगलवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
30-04-1958
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-1958 द्वादशी मघा 05:29 17:51
02-04-1958 त्रयोदशी पूर्वा फाल्गुनी 05:28 17:52
03-04-1958 चतुर्दशी उत्तरा फाल्गुनी 05:27 17:52
04-04-1958 पूर्णिमा हस्त 05:26 17:52
05-04-1958 प्रतिपदा चित्रा 05:26 17:53
06-04-1958 तृतीया स्वाति 05:25 17:53
07-04-1958 चतुर्थी विशाखा 05:24 17:53
08-04-1958 पंचमी ज्येष्ठा 05:23 17:54
09-04-1958 षष्ठी मूल 05:22 17:54
10-04-1958 सप्तमी पूर्वाषाढ़ा 05:21 17:54
11-04-1958 अष्टमी उत्तराषाढ़ा 05:20 17:55
12-04-1958 नवमी उत्तराषाढ़ा 05:19 17:55
13-04-1958 दशमी श्रवण 05:18 17:56
14-04-1958 एकादशी धनिष्ठा 05:17 17:56
15-04-1958 द्वादशी शतभिषा 05:17 17:56
16-04-1958 त्रयोदशी पूर्वा भाद्रपद 05:16 17:57
17-04-1958 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 05:15 17:57
18-04-1958 चतुर्दशी रेवती 05:14 17:57
19-04-1958 अमावस्या अश्विनी 05:13 17:58
20-04-1958 प्रतिपदा भरणी 05:12 17:58
21-04-1958 द्वितीया कृत्तिका 05:11 17:59
22-04-1958 तृतीया कृत्तिका 05:11 17:59
23-04-1958 चतुर्थी रोहिणी 05:10 17:59
24-04-1958 पंचमी मृगशिरा 05:09 18:00
25-04-1958 षष्ठी आर्द्रा 05:08 18:00
26-04-1958 सप्तमी पुनर्वसु 05:08 18:01
27-04-1958 अष्टमी पुष्य 05:07 18:01
28-04-1958 नवमी आश्लेषा 05:06 18:01
29-04-1958 दशमी मघा 05:05 18:02
30-04-1958 एकादशी पूर्वा फाल्गुनी 05:05 18:02

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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