व्रत और त्योहार — दिसंबर 1986

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-1986
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
11-12-1986
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
13-12-1986
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
16-12-1986
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमासंक्रांति धनु संक्रांति · 04:20
20-12-1986
शनिवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-12-1986
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
29-12-1986
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
31-12-1986
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1986 अमावस्या अनुराधा 05:59 16:51
02-12-1986 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:59 16:51
03-12-1986 द्वितीया मूल 06:00 16:51
04-12-1986 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 06:01 16:51
05-12-1986 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 06:01 16:51
06-12-1986 षष्ठी श्रवण 06:02 16:52
07-12-1986 सप्तमी धनिष्ठा 06:03 16:52
08-12-1986 अष्टमी शतभिषा 06:03 16:52
09-12-1986 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:04 16:52
10-12-1986 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:05 16:52
11-12-1986 एकादशी रेवती 06:05 16:53
12-12-1986 द्वादशी अश्विनी 06:06 16:53
13-12-1986 त्रयोदशी भरणी 06:07 16:53
14-12-1986 त्रयोदशी कृत्तिका 06:07 16:54
15-12-1986 चतुर्दशी रोहिणी 06:08 16:54
16-12-1986 पूर्णिमा मृगशिरा 06:08 16:55
17-12-1986 प्रतिपदा आर्द्रा 06:09 16:55
18-12-1986 द्वितीया पुनर्वसु 06:09 16:55
19-12-1986 तृतीया पुनर्वसु 06:10 16:56
20-12-1986 चतुर्थी पुष्य 06:11 16:56
21-12-1986 पंचमी आश्लेषा 06:11 16:57
22-12-1986 षष्ठी मघा 06:12 16:57
23-12-1986 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:12 16:58
24-12-1986 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:13 16:58
25-12-1986 नवमी हस्त 06:13 16:59
26-12-1986 दशमी चित्रा 06:13 16:59
27-12-1986 एकादशी स्वाति 06:14 17:00
28-12-1986 द्वादशी विशाखा 06:14 17:01
29-12-1986 त्रयोदशी अनुराधा 06:15 17:01
30-12-1986 चतुर्दशी ज्येष्ठा 06:15 17:02
31-12-1986 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 06:15 17:02

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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