व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1987

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-02-1987
मंगलवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
09-02-1987
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
11-02-1987
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-02-1987
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमासंक्रांति कुंभ संक्रांति · 04:00
17-02-1987
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
24-02-1987
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
25-02-1987
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-02-1987
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-02-1987
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1987 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:15 17:24
02-02-1987 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:15 17:25
03-02-1987 पंचमी रेवती 06:14 17:25
04-02-1987 षष्ठी अश्विनी 06:14 17:26
05-02-1987 सप्तमी भरणी 06:14 17:27
06-02-1987 अष्टमी कृत्तिका 06:13 17:27
07-02-1987 नवमी कृत्तिका 06:13 17:28
08-02-1987 दशमी रोहिणी 06:12 17:29
09-02-1987 एकादशी मृगशिरा 06:12 17:29
10-02-1987 द्वादशी आर्द्रा 06:11 17:30
11-02-1987 त्रयोदशी पुनर्वसु 06:11 17:30
12-02-1987 चतुर्दशी पुष्य 06:10 17:31
13-02-1987 पूर्णिमा आश्लेषा 06:09 17:31
14-02-1987 प्रतिपदा मघा 06:09 17:32
15-02-1987 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:08 17:33
16-02-1987 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:08 17:33
17-02-1987 चतुर्थी हस्त 06:07 17:34
18-02-1987 पंचमी चित्रा 06:06 17:34
19-02-1987 षष्ठी चित्रा 06:06 17:35
20-02-1987 सप्तमी विशाखा 06:05 17:35
21-02-1987 अष्टमी अनुराधा 06:04 17:36
22-02-1987 नवमी ज्येष्ठा 06:03 17:36
23-02-1987 दशमी मूल 06:03 17:37
24-02-1987 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:02 17:37
25-02-1987 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:01 17:38
26-02-1987 त्रयोदशी श्रवण 06:00 17:38
27-02-1987 चतुर्दशी धनिष्ठा 06:00 17:39
28-02-1987 अमावस्या शतभिषा 05:59 17:39

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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