व्रत और त्योहार — मई 2033

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-05-2033
रविवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
10-05-2033
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
11-05-2033
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-05-2033
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
15-05-2033
रविवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 01:16
17-05-2033
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
26-05-2033
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-05-2033
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2033 तृतीया रोहिणी 05:03 18:03
02-05-2033 चतुर्थी मृगशिरा 05:03 18:04
03-05-2033 पंचमी आर्द्रा 05:02 18:04
04-05-2033 षष्ठी पुनर्वसु 05:02 18:04
05-05-2033 सप्तमी पुष्य 05:01 18:05
06-05-2033 अष्टमी आश्लेषा 05:00 18:05
07-05-2033 नवमी मघा 05:00 18:06
08-05-2033 दशमी मघा 04:59 18:06
09-05-2033 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 04:59 18:07
10-05-2033 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 04:58 18:07
11-05-2033 द्वादशी हस्त 04:58 18:08
12-05-2033 त्रयोदशी चित्रा 04:57 18:08
13-05-2033 चतुर्दशी स्वाति 04:57 18:08
14-05-2033 पूर्णिमा विशाखा 04:56 18:09
15-05-2033 प्रतिपदा अनुराधा 04:56 18:09
16-05-2033 द्वितीया ज्येष्ठा 04:55 18:10
17-05-2033 तृतीया मूल 04:55 18:10
18-05-2033 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 04:54 18:11
19-05-2033 पंचमी उत्तराषाढ़ा 04:54 18:11
20-05-2033 षष्ठी श्रवण 04:54 18:12
21-05-2033 सप्तमी धनिष्ठा 04:53 18:12
22-05-2033 अष्टमी शतभिषा 04:53 18:13
23-05-2033 नवमी पूर्वा भाद्रपद 04:53 18:13
24-05-2033 दशमी उत्तरा भाद्रपद 04:53 18:14
25-05-2033 द्वादशी रेवती 04:52 18:14
26-05-2033 त्रयोदशी अश्विनी 04:52 18:14
27-05-2033 चतुर्दशी भरणी 04:52 18:15
28-05-2033 अमावस्या कृत्तिका 04:52 18:15
29-05-2033 प्रतिपदा रोहिणी 04:51 18:16
30-05-2033 द्वितीया मृगशिरा 04:51 18:16
31-05-2033 तृतीया आर्द्रा 04:51 18:17

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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