व्रत और त्योहार — नवंबर 2052

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-11-2052
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
व्रत देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
04-11-2052
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
06-11-2052
बुधवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
त्योहार कार्तिक पूर्णिमा · गुरु नानक जयंती · देव दीपावली
09-11-2052
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-11-2052
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत उत्पन्ना एकादशीसंक्रांति वृश्चिक संक्रांति · 11:44
18-11-2052
सोमवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-11-2052
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
21-11-2052
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-11-2052 नवमी धनिष्ठा 05:40 16:58
02-11-2052 दशमी शतभिषा 05:41 16:58
03-11-2052 एकादशी पूर्वा भाद्रपद 05:42 16:57
04-11-2052 द्वादशी उत्तरा भाद्रपद 05:42 16:57
05-11-2052 त्रयोदशी रेवती 05:43 16:56
06-11-2052 चतुर्दशी अश्विनी 05:43 16:56
07-11-2052 प्रतिपदा भरणी 05:44 16:55
08-11-2052 द्वितीया कृत्तिका 05:44 16:55
09-11-2052 तृतीया रोहिणी 05:45 16:55
10-11-2052 चतुर्थी आर्द्रा 05:46 16:54
11-11-2052 पंचमी पुनर्वसु 05:46 16:54
12-11-2052 षष्ठी पुष्य 05:47 16:53
13-11-2052 सप्तमी आश्लेषा 05:47 16:53
14-11-2052 नवमी मघा 05:48 16:53
15-11-2052 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 05:49 16:52
16-11-2052 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:49 16:52
17-11-2052 एकादशी हस्त 05:50 16:52
18-11-2052 द्वादशी चित्रा 05:51 16:52
19-11-2052 त्रयोदशी स्वाति 05:51 16:51
20-11-2052 चतुर्दशी स्वाति 05:52 16:51
21-11-2052 अमावस्या विशाखा 05:53 16:51
22-11-2052 प्रतिपदा अनुराधा 05:53 16:51
23-11-2052 द्वितीया ज्येष्ठा 05:54 16:51
24-11-2052 तृतीया मूल 05:55 16:51
25-11-2052 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 05:55 16:51
26-11-2052 पंचमी उत्तराषाढ़ा 05:56 16:51
27-11-2052 षष्ठी श्रवण 05:57 16:51
28-11-2052 सप्तमी धनिष्ठा 05:57 16:51
29-11-2052 अष्टमी शतभिषा 05:58 16:51
30-11-2052 नवमी शतभिषा 05:59 16:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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