व्रत और त्योहार — जुलाई 2057

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-07-2057
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
14-07-2057
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
16-07-2057
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमासंक्रांति कर्क संक्रांति · 22:15
19-07-2057
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-07-2057
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशी
28-07-2057
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-07-2057
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
31-07-2057
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-2057 अमावस्या मृगशिरा 04:55 18:25
02-07-2057 अमावस्या आर्द्रा 04:55 18:25
03-07-2057 प्रतिपदा पुनर्वसु 04:56 18:25
04-07-2057 द्वितीया पुष्य 04:56 18:25
05-07-2057 तृतीया आश्लेषा 04:56 18:25
06-07-2057 चतुर्थी मघा 04:57 18:25
07-07-2057 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 04:57 18:25
08-07-2057 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 04:58 18:25
09-07-2057 सप्तमी हस्त 04:58 18:25
10-07-2057 अष्टमी चित्रा 04:58 18:25
11-07-2057 नवमी स्वाति 04:59 18:25
12-07-2057 दशमी विशाखा 04:59 18:24
13-07-2057 द्वादशी अनुराधा 05:00 18:24
14-07-2057 त्रयोदशी ज्येष्ठा 05:00 18:24
15-07-2057 चतुर्दशी मूल 05:00 18:24
16-07-2057 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 05:01 18:24
17-07-2057 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 05:01 18:23
18-07-2057 द्वितीया श्रवण 05:02 18:23
19-07-2057 तृतीया शतभिषा 05:02 18:23
20-07-2057 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 05:02 18:22
21-07-2057 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 05:03 18:22
22-07-2057 सप्तमी रेवती 05:03 18:22
23-07-2057 अष्टमी अश्विनी 05:04 18:21
24-07-2057 नवमी अश्विनी 05:04 18:21
25-07-2057 नवमी भरणी 05:05 18:20
26-07-2057 दशमी कृत्तिका 05:05 18:20
27-07-2057 एकादशी रोहिणी 05:05 18:20
28-07-2057 द्वादशी मृगशिरा 05:06 18:19
29-07-2057 त्रयोदशी आर्द्रा 05:06 18:19
30-07-2057 चतुर्दशी पुनर्वसु 05:07 18:18
31-07-2057 अमावस्या पुष्य 05:07 18:18

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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