व्रत और त्योहार — जून 2084

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-06-2084
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
03-06-2084
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
14-06-2084
बुधवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
15-06-2084
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 09:31
16-06-2084
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-06-2084
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
21-06-2084
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
28-06-2084
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
30-06-2084
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2084 त्रयोदशी भरणी 04:51 18:17
02-06-2084 चतुर्दशी कृत्तिका 04:51 18:18
03-06-2084 अमावस्या रोहिणी 04:51 18:18
04-06-2084 प्रतिपदा मृगशिरा 04:51 18:19
05-06-2084 द्वितीया आर्द्रा 04:51 18:19
06-06-2084 तृतीया आर्द्रा 04:51 18:19
07-06-2084 चतुर्थी पुनर्वसु 04:51 18:20
08-06-2084 पंचमी पुष्य 04:51 18:20
09-06-2084 षष्ठी आश्लेषा 04:51 18:21
10-06-2084 षष्ठी मघा 04:51 18:21
11-06-2084 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 04:51 18:21
12-06-2084 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 04:51 18:22
13-06-2084 नवमी हस्त 04:51 18:22
14-06-2084 दशमी चित्रा 04:51 18:22
15-06-2084 द्वादशी स्वाति 04:51 18:22
16-06-2084 त्रयोदशी विशाखा 04:51 18:23
17-06-2084 चतुर्दशी अनुराधा 04:52 18:23
18-06-2084 पूर्णिमा ज्येष्ठा 04:52 18:23
19-06-2084 प्रतिपदा मूल 04:52 18:23
20-06-2084 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 04:52 18:24
21-06-2084 चतुर्थी श्रवण 04:52 18:24
22-06-2084 पंचमी धनिष्ठा 04:53 18:24
23-06-2084 षष्ठी शतभिषा 04:53 18:24
24-06-2084 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 04:53 18:24
25-06-2084 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 04:53 18:25
26-06-2084 नवमी रेवती 04:54 18:25
27-06-2084 दशमी अश्विनी 04:54 18:25
28-06-2084 एकादशी भरणी 04:54 18:25
29-06-2084 द्वादशी कृत्तिका 04:55 18:25
30-06-2084 त्रयोदशी रोहिणी 04:55 18:25

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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