व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1935

लखनऊ, Lucknow District, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-1935
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
02-02-1935
शनिवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
03-02-1935
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
07-02-1935
गुरुवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
12-02-1935
मंगलवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
माघ
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 19:51
13-02-1935
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
15-02-1935
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-02-1935
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
22-02-1935
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1935 द्वादशी मूल 06:52 17:47
02-02-1935 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 06:51 17:48
03-02-1935 अमावस्या श्रवण 06:51 17:49
04-02-1935 प्रतिपदा धनिष्ठा 06:50 17:50
05-02-1935 द्वितीया शतभिषा 06:50 17:50
06-02-1935 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:49 17:51
07-02-1935 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:48 17:52
08-02-1935 षष्ठी रेवती 06:48 17:53
09-02-1935 सप्तमी अश्विनी 06:47 17:53
10-02-1935 अष्टमी भरणी 06:47 17:54
11-02-1935 नवमी कृत्तिका 06:46 17:55
12-02-1935 दशमी रोहिणी 06:45 17:56
13-02-1935 एकादशी मृगशिरा 06:44 17:56
14-02-1935 द्वादशी आर्द्रा 06:44 17:57
15-02-1935 द्वादशी पुनर्वसु 06:43 17:58
16-02-1935 त्रयोदशी पुष्य 06:42 17:58
17-02-1935 चतुर्दशी आश्लेषा 06:41 17:59
18-02-1935 पूर्णिमा मघा 06:41 18:00
19-02-1935 प्रतिपदा मघा 06:40 18:00
20-02-1935 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:39 18:01
21-02-1935 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:38 18:02
22-02-1935 चतुर्थी हस्त 06:37 18:02
23-02-1935 पंचमी चित्रा 06:36 18:03
24-02-1935 षष्ठी स्वाति 06:35 18:03
25-02-1935 सप्तमी विशाखा 06:35 18:04
26-02-1935 अष्टमी अनुराधा 06:34 18:05
27-02-1935 नवमी ज्येष्ठा 06:33 18:05
28-02-1935 दशमी मूल 06:32 18:06

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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