व्रत और त्योहार — जुलाई 1955

लखनऊ, Lucknow District, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-07-1955
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-07-1955
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
08-07-1955
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-07-1955
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशीसंक्रांति कर्क संक्रांति · 19:00
17-07-1955
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
19-07-1955
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
24-07-1955
रविवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
त्योहार नाग पंचमी
30-07-1955
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
व्रत श्रावण पुत्रदा एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-1955 द्वादशी विशाखा 05:15 19:04
02-07-1955 त्रयोदशी अनुराधा 05:15 19:04
03-07-1955 त्रयोदशी ज्येष्ठा 05:16 19:04
04-07-1955 चतुर्दशी मूल 05:16 19:04
05-07-1955 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 05:16 19:04
06-07-1955 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 05:17 19:04
07-07-1955 द्वितीया श्रवण 05:17 19:04
08-07-1955 तृतीया श्रवण 05:18 19:03
09-07-1955 चतुर्थी धनिष्ठा 05:18 19:03
10-07-1955 पंचमी शतभिषा 05:18 19:03
11-07-1955 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 05:19 19:03
12-07-1955 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 05:19 19:03
13-07-1955 अष्टमी रेवती 05:20 19:03
14-07-1955 नवमी अश्विनी 05:20 19:02
15-07-1955 दशमी भरणी 05:21 19:02
16-07-1955 एकादशी रोहिणी 05:21 19:02
17-07-1955 त्रयोदशी मृगशिरा 05:22 19:02
18-07-1955 चतुर्दशी आर्द्रा 05:22 19:01
19-07-1955 अमावस्या पुनर्वसु 05:23 19:01
20-07-1955 प्रतिपदा पुष्य 05:23 19:00
21-07-1955 द्वितीया आश्लेषा 05:24 19:00
22-07-1955 तृतीया मघा 05:24 19:00
23-07-1955 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 05:25 18:59
24-07-1955 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 05:25 18:59
25-07-1955 षष्ठी हस्त 05:26 18:58
26-07-1955 सप्तमी चित्रा 05:26 18:58
27-07-1955 अष्टमी स्वाति 05:27 18:57
28-07-1955 नवमी विशाखा 05:27 18:57
29-07-1955 दशमी अनुराधा 05:28 18:56
30-07-1955 एकादशी ज्येष्ठा 05:28 18:56
31-07-1955 द्वादशी मूल 05:29 18:55

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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