व्रत और त्योहार — जनवरी 1952

लुधियाना, Ludhiāna, Punjab, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-01-1952
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
09-01-1952
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-01-1952
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
14-01-1952
सोमवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 15:35
15-01-1952
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
23-01-1952
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
24-01-1952
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-01-1952
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
31-01-1952
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-1952 पंचमी धनिष्ठा 07:24 17:35
02-01-1952 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:24 17:36
03-01-1952 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:24 17:36
04-01-1952 अष्टमी रेवती 07:24 17:37
05-01-1952 नवमी अश्विनी 07:25 17:38
06-01-1952 दशमी भरणी 07:25 17:39
07-01-1952 एकादशी भरणी 07:25 17:39
08-01-1952 द्वादशी कृत्तिका 07:25 17:40
09-01-1952 त्रयोदशी रोहिणी 07:25 17:41
10-01-1952 चतुर्दशी मृगशिरा 07:25 17:42
11-01-1952 चतुर्दशी आर्द्रा 07:25 17:43
12-01-1952 पूर्णिमा पुनर्वसु 07:25 17:43
13-01-1952 प्रतिपदा पुष्य 07:25 17:44
14-01-1952 द्वितीया आश्लेषा 07:25 17:45
15-01-1952 तृतीया मघा 07:25 17:46
16-01-1952 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 07:25 17:47
17-01-1952 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:24 17:48
18-01-1952 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 07:24 17:49
19-01-1952 सप्तमी हस्त 07:24 17:49
20-01-1952 अष्टमी चित्रा 07:24 17:50
21-01-1952 नवमी स्वाति 07:23 17:51
22-01-1952 दशमी विशाखा 07:23 17:52
23-01-1952 एकादशी अनुराधा 07:23 17:53
24-01-1952 द्वादशी ज्येष्ठा 07:22 17:54
25-01-1952 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 07:22 17:55
26-01-1952 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:22 17:56
27-01-1952 प्रतिपदा श्रवण 07:21 17:57
28-01-1952 द्वितीया धनिष्ठा 07:21 17:57
29-01-1952 तृतीया शतभिषा 07:20 17:58
30-01-1952 चतुर्थी पूर्वा भाद्रपद 07:20 17:59
31-01-1952 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 07:19 18:00

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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