व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2054

लुधियाना, Ludhiāna, Punjab, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-02-2054
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
04-02-2054
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-02-2054
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
07-02-2054
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
13-02-2054
शुक्रवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमीसंक्रांति कुंभ संक्रांति · 08:19
18-02-2054
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
20-02-2054
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
22-02-2054
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
25-02-2054
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2054 नवमी अनुराधा 07:18 18:02
02-02-2054 दशमी ज्येष्ठा 07:17 18:03
03-02-2054 एकादशी ज्येष्ठा 07:16 18:04
04-02-2054 द्वादशी मूल 07:16 18:05
05-02-2054 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 07:15 18:05
06-02-2054 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:14 18:06
07-02-2054 अमावस्या श्रवण 07:13 18:07
08-02-2054 प्रतिपदा धनिष्ठा 07:13 18:08
09-02-2054 द्वितीया शतभिषा 07:12 18:09
10-02-2054 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 07:11 18:10
11-02-2054 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 07:10 18:11
12-02-2054 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 07:09 18:11
13-02-2054 पंचमी रेवती 07:09 18:12
14-02-2054 षष्ठी अश्विनी 07:08 18:13
15-02-2054 सप्तमी भरणी 07:07 18:14
16-02-2054 अष्टमी कृत्तिका 07:06 18:15
17-02-2054 दशमी रोहिणी 07:05 18:15
18-02-2054 एकादशी मृगशिरा 07:04 18:16
19-02-2054 द्वादशी पुनर्वसु 07:03 18:17
20-02-2054 त्रयोदशी पुष्य 07:02 18:18
21-02-2054 चतुर्दशी आश्लेषा 07:01 18:19
22-02-2054 पूर्णिमा मघा 07:00 18:19
23-02-2054 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 06:59 18:20
24-02-2054 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:58 18:21
25-02-2054 चतुर्थी हस्त 06:57 18:22
26-02-2054 पंचमी चित्रा 06:56 18:22
27-02-2054 षष्ठी स्वाति 06:55 18:23
28-02-2054 सप्तमी विशाखा 06:54 18:24

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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