व्रत और त्योहार — मई 1998

मदुरई, Madurai, Tamil Nadu, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-05-1998
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
08-05-1998
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-05-1998
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
15-05-1998
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय परसंक्रांति वृषभ संक्रांति · 01:54
22-05-1998
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
23-05-1998
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-05-1998
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
25-05-1998
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-1998 षष्ठी आर्द्रा 06:00 18:29
02-05-1998 सप्तमी पुनर्वसु 05:59 18:29
03-05-1998 अष्टमी पुष्य 05:59 18:29
04-05-1998 नवमी आश्लेषा 05:59 18:29
05-05-1998 दशमी मघा 05:58 18:29
06-05-1998 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 05:58 18:29
07-05-1998 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:58 18:29
08-05-1998 द्वादशी हस्त 05:58 18:30
09-05-1998 त्रयोदशी चित्रा 05:57 18:30
10-05-1998 चतुर्दशी स्वाति 05:57 18:30
11-05-1998 पूर्णिमा स्वाति 05:57 18:30
12-05-1998 प्रतिपदा विशाखा 05:57 18:30
13-05-1998 द्वितीया अनुराधा 05:56 18:30
14-05-1998 तृतीया ज्येष्ठा 05:56 18:31
15-05-1998 चतुर्थी मूल 05:56 18:31
16-05-1998 पंचमी पूर्वाषाढ़ा 05:56 18:31
17-05-1998 षष्ठी उत्तराषाढ़ा 05:56 18:31
18-05-1998 सप्तमी श्रवण 05:55 18:31
19-05-1998 अष्टमी धनिष्ठा 05:55 18:32
20-05-1998 नवमी शतभिषा 05:55 18:32
21-05-1998 दशमी पूर्वा भाद्रपद 05:55 18:32
22-05-1998 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 05:55 18:32
23-05-1998 द्वादशी रेवती 05:55 18:33
24-05-1998 त्रयोदशी भरणी 05:55 18:33
25-05-1998 अमावस्या कृत्तिका 05:55 18:33
26-05-1998 प्रतिपदा रोहिणी 05:55 18:33
27-05-1998 द्वितीया मृगशिरा 05:55 18:34
28-05-1998 तृतीया आर्द्रा 05:55 18:34
29-05-1998 चतुर्थी पुनर्वसु 05:55 18:34
30-05-1998 पंचमी पुष्य 05:55 18:34
31-05-1998 षष्ठी आश्लेषा 05:55 18:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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