व्रत और त्योहार — अप्रैल 1936

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-04-1936
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र
व्रत कामदा एकादशी
04-04-1936
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
06-04-1936
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
10-04-1936
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-04-1936
सोमवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
संक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 07:30
18-04-1936
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
19-04-1936
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
21-04-1936
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
24-04-1936
शुक्रवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-1936 दशमी पुष्य 06:09 18:37
02-04-1936 एकादशी आश्लेषा 06:08 18:37
03-04-1936 द्वादशी मघा 06:07 18:38
04-04-1936 त्रयोदशी पूर्वा फाल्गुनी 06:05 18:39
05-04-1936 चतुर्दशी उत्तरा फाल्गुनी 06:04 18:39
06-04-1936 पूर्णिमा हस्त 06:03 18:40
07-04-1936 प्रतिपदा चित्रा 06:02 18:40
08-04-1936 प्रतिपदा स्वाति 06:01 18:41
09-04-1936 द्वितीया स्वाति 06:00 18:41
10-04-1936 तृतीया विशाखा 05:59 18:42
11-04-1936 चतुर्थी अनुराधा 05:58 18:43
12-04-1936 पंचमी ज्येष्ठा 05:56 18:43
13-04-1936 षष्ठी मूल 05:55 18:44
14-04-1936 सप्तमी पूर्वाषाढ़ा 05:54 18:44
15-04-1936 अष्टमी उत्तराषाढ़ा 05:53 18:45
16-04-1936 नवमी श्रवण 05:52 18:45
17-04-1936 दशमी धनिष्ठा 05:51 18:46
18-04-1936 एकादशी शतभिषा 05:50 18:47
19-04-1936 त्रयोदशी पूर्वा भाद्रपद 05:49 18:47
20-04-1936 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 05:48 18:48
21-04-1936 अमावस्या अश्विनी 05:47 18:48
22-04-1936 प्रतिपदा भरणी 05:46 18:49
23-04-1936 द्वितीया कृत्तिका 05:45 18:50
24-04-1936 तृतीया रोहिणी 05:44 18:50
25-04-1936 चतुर्थी मृगशिरा 05:43 18:51
26-04-1936 षष्ठी आर्द्रा 05:42 18:51
27-04-1936 सप्तमी पुनर्वसु 05:41 18:52
28-04-1936 अष्टमी पुष्य 05:40 18:53
29-04-1936 नवमी आश्लेषा 05:39 18:53
30-04-1936 नवमी मघा 05:38 18:54

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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