व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1955

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-02-1955
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
04-02-1955
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-02-1955
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
10-02-1955
गुरुवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
12-02-1955
शनिवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 23:02
18-02-1955
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
20-02-1955
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंव्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
22-02-1955
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1955 नवमी कृत्तिका 07:08 17:57
02-02-1955 दशमी रोहिणी 07:07 17:58
03-02-1955 एकादशी मृगशिरा 07:07 17:59
04-02-1955 द्वादशी आर्द्रा 07:06 17:59
05-02-1955 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:05 18:00
06-02-1955 चतुर्दशी पुष्य 07:05 18:01
07-02-1955 पूर्णिमा आश्लेषा 07:04 18:02
08-02-1955 द्वितीया मघा 07:04 18:03
09-02-1955 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:03 18:03
10-02-1955 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 07:02 18:04
11-02-1955 पंचमी हस्त 07:01 18:05
12-02-1955 पंचमी चित्रा 07:01 18:06
13-02-1955 षष्ठी स्वाति 07:00 18:07
14-02-1955 सप्तमी विशाखा 06:59 18:07
15-02-1955 अष्टमी अनुराधा 06:58 18:08
16-02-1955 नवमी ज्येष्ठा 06:57 18:09
17-02-1955 दशमी ज्येष्ठा 06:56 18:10
18-02-1955 एकादशी मूल 06:56 18:10
19-02-1955 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:55 18:11
20-02-1955 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:54 18:12
21-02-1955 चतुर्दशी श्रवण 06:53 18:12
22-02-1955 अमावस्या धनिष्ठा 06:52 18:13
23-02-1955 प्रतिपदा शतभिषा 06:51 18:14
24-02-1955 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:50 18:15
25-02-1955 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:49 18:15
26-02-1955 चतुर्थी रेवती 06:48 18:16
27-02-1955 पंचमी अश्विनी 06:47 18:17
28-02-1955 षष्ठी भरणी 06:46 18:17

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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