व्रत और त्योहार — दिसंबर 2068

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-12-2068
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
06-12-2068
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-12-2068
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-2068
रविवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 05:01
20-12-2068
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
22-12-2068
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
24-12-2068
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2068 सप्तमी धनिष्ठा 06:55 17:21
02-12-2068 अष्टमी शतभिषा 06:56 17:21
03-12-2068 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:56 17:21
04-12-2068 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:57 17:21
05-12-2068 एकादशी रेवती 06:58 17:21
06-12-2068 द्वादशी अश्विनी 06:59 17:21
07-12-2068 त्रयोदशी भरणी 06:59 17:21
08-12-2068 चतुर्दशी कृत्तिका 07:00 17:21
09-12-2068 प्रतिपदा मृगशिरा 07:01 17:22
10-12-2068 द्वितीया आर्द्रा 07:01 17:22
11-12-2068 तृतीया पुनर्वसु 07:02 17:22
12-12-2068 चतुर्थी पुष्य 07:03 17:22
13-12-2068 पंचमी आश्लेषा 07:03 17:23
14-12-2068 षष्ठी मघा 07:04 17:23
15-12-2068 सप्तमी मघा 07:05 17:23
16-12-2068 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 07:05 17:24
17-12-2068 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:06 17:24
18-12-2068 नवमी हस्त 07:06 17:25
19-12-2068 दशमी चित्रा 07:07 17:25
20-12-2068 एकादशी स्वाति 07:07 17:26
21-12-2068 द्वादशी विशाखा 07:08 17:26
22-12-2068 त्रयोदशी अनुराधा 07:08 17:27
23-12-2068 चतुर्दशी ज्येष्ठा 07:09 17:27
24-12-2068 अमावस्या मूल 07:09 17:28
25-12-2068 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:10 17:28
26-12-2068 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:10 17:29
27-12-2068 तृतीया श्रवण 07:10 17:29
28-12-2068 चतुर्थी धनिष्ठा 07:11 17:30
29-12-2068 पंचमी शतभिषा 07:11 17:31
30-12-2068 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:11 17:31
31-12-2068 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:12 17:32

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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