व्रत और त्योहार — जनवरी 2088

नागपुर, Nagpur Division, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-01-2088
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
06-01-2088
मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-01-2088
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
11-01-2088
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-01-2088
गुरुवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 12:40
19-01-2088
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
21-01-2088
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
23-01-2088
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
28-01-2088
बुधवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2088 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 06:50 17:43
02-01-2088 अष्टमी रेवती 06:50 17:44
03-01-2088 नवमी अश्विनी 06:51 17:44
04-01-2088 एकादशी भरणी 06:51 17:45
05-01-2088 द्वादशी कृत्तिका 06:51 17:46
06-01-2088 त्रयोदशी रोहिणी 06:51 17:46
07-01-2088 चतुर्दशी मृगशिरा 06:52 17:47
08-01-2088 पूर्णिमा आर्द्रा 06:52 17:48
09-01-2088 प्रतिपदा पुनर्वसु 06:52 17:48
10-01-2088 द्वितीया आश्लेषा 06:52 17:49
11-01-2088 तृतीया मघा 06:52 17:50
12-01-2088 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 06:52 17:50
13-01-2088 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 06:52 17:51
14-01-2088 सप्तमी हस्त 06:53 17:52
15-01-2088 सप्तमी हस्त 06:53 17:52
16-01-2088 अष्टमी चित्रा 06:53 17:53
17-01-2088 नवमी स्वाति 06:53 17:54
18-01-2088 दशमी विशाखा 06:53 17:54
19-01-2088 एकादशी अनुराधा 06:53 17:55
20-01-2088 द्वादशी ज्येष्ठा 06:52 17:56
21-01-2088 त्रयोदशी मूल 06:52 17:56
22-01-2088 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 06:52 17:57
23-01-2088 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 06:52 17:58
24-01-2088 प्रतिपदा श्रवण 06:52 17:58
25-01-2088 द्वितीया धनिष्ठा 06:52 17:59
26-01-2088 तृतीया शतभिषा 06:52 18:00
27-01-2088 चतुर्थी पूर्वा भाद्रपद 06:51 18:00
28-01-2088 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 06:51 18:01
29-01-2088 षष्ठी रेवती 06:51 18:02
30-01-2088 सप्तमी अश्विनी 06:51 18:02
31-01-2088 अष्टमी भरणी 06:50 18:03

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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