व्रत और त्योहार — दिसंबर 2082

नजफगढ़, South West Delhi, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-12-2082
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-12-2082
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
08-12-2082
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-2082
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशीसंक्रांति धनु संक्रांति · 19:11
17-12-2082
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-12-2082
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
30-12-2082
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2082 द्वादशी रेवती 06:57 17:24
02-12-2082 द्वादशी अश्विनी 06:57 17:24
03-12-2082 त्रयोदशी भरणी 06:58 17:24
04-12-2082 चतुर्दशी कृत्तिका 06:59 17:25
05-12-2082 पूर्णिमा रोहिणी 07:00 17:25
06-12-2082 प्रतिपदा मृगशिरा 07:00 17:25
07-12-2082 द्वितीया आर्द्रा 07:01 17:25
08-12-2082 तृतीया पुनर्वसु 07:02 17:25
09-12-2082 चतुर्थी पुष्य 07:02 17:25
10-12-2082 पंचमी आश्लेषा 07:03 17:25
11-12-2082 षष्ठी मघा 07:04 17:26
12-12-2082 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:04 17:26
13-12-2082 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:05 17:26
14-12-2082 नवमी हस्त 07:06 17:27
15-12-2082 दशमी चित्रा 07:06 17:27
16-12-2082 एकादशी स्वाति 07:07 17:27
17-12-2082 त्रयोदशी विशाखा 07:08 17:28
18-12-2082 चतुर्दशी अनुराधा 07:08 17:28
19-12-2082 अमावस्या ज्येष्ठा 07:09 17:29
20-12-2082 प्रतिपदा मूल 07:09 17:29
21-12-2082 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:10 17:30
22-12-2082 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:10 17:30
23-12-2082 चतुर्थी श्रवण 07:11 17:31
24-12-2082 पंचमी धनिष्ठा 07:11 17:31
25-12-2082 षष्ठी शतभिषा 07:12 17:32
26-12-2082 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:12 17:32
27-12-2082 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:12 17:33
28-12-2082 नवमी रेवती 07:13 17:33
29-12-2082 दशमी अश्विनी 07:13 17:34
30-12-2082 एकादशी भरणी 07:13 17:35
31-12-2082 द्वादशी कृत्तिका 07:14 17:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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