व्रत और त्योहार — दिसंबर 1962

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-12-1962
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
09-12-1962
रविवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-12-1962
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
14-12-1962
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-1962
रविवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 00:38
22-12-1962
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
24-12-1962
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-12-1962
मंगलवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
26-12-1962
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1962 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 06:17 16:58
02-12-1962 पंचमी श्रवण 06:18 16:58
03-12-1962 षष्ठी धनिष्ठा 06:19 16:58
04-12-1962 सप्तमी शतभिषा 06:20 16:58
05-12-1962 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 06:20 16:58
06-12-1962 नवमी उत्तरा भाद्रपद 06:21 16:58
07-12-1962 एकादशी रेवती 06:22 16:59
08-12-1962 द्वादशी अश्विनी 06:22 16:59
09-12-1962 त्रयोदशी भरणी 06:23 16:59
10-12-1962 चतुर्दशी कृत्तिका 06:24 16:59
11-12-1962 पूर्णिमा रोहिणी 06:24 17:00
12-12-1962 प्रतिपदा मृगशिरा 06:25 17:00
13-12-1962 द्वितीया आर्द्रा 06:26 17:00
14-12-1962 तृतीया पुनर्वसु 06:26 17:00
15-12-1962 चतुर्थी पुष्य 06:27 17:01
16-12-1962 पंचमी आश्लेषा 06:27 17:01
17-12-1962 षष्ठी मघा 06:28 17:02
18-12-1962 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:29 17:02
19-12-1962 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:29 17:02
20-12-1962 नवमी हस्त 06:30 17:03
21-12-1962 दशमी चित्रा 06:30 17:03
22-12-1962 एकादशी स्वाति 06:31 17:04
23-12-1962 द्वादशी विशाखा 06:31 17:04
24-12-1962 त्रयोदशी अनुराधा 06:32 17:05
25-12-1962 चतुर्दशी ज्येष्ठा 06:32 17:05
26-12-1962 अमावस्या ज्येष्ठा 06:33 17:06
27-12-1962 प्रतिपदा मूल 06:33 17:07
28-12-1962 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 06:33 17:07
29-12-1962 तृतीया उत्तराषाढ़ा 06:34 17:08
30-12-1962 चतुर्थी श्रवण 06:34 17:08
31-12-1962 पंचमी धनिष्ठा 06:35 17:09

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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