व्रत और त्योहार — अप्रैल 2053

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-04-2053
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
06-04-2053
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-04-2053
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशीसंक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 07:36
16-04-2053
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
17-04-2053
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
18-04-2053
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
21-04-2053
सोमवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
28-04-2053
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
30-04-2053
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-2053 त्रयोदशी पूर्वा फाल्गुनी 05:40 18:06
02-04-2053 चतुर्दशी उत्तरा फाल्गुनी 05:39 18:06
03-04-2053 पूर्णिमा हस्त 05:38 18:07
04-04-2053 प्रतिपदा चित्रा 05:37 18:07
05-04-2053 द्वितीया स्वाति 05:36 18:08
06-04-2053 तृतीया विशाखा 05:35 18:08
07-04-2053 चतुर्थी अनुराधा 05:34 18:09
08-04-2053 पंचमी ज्येष्ठा 05:33 18:09
09-04-2053 षष्ठी मूल 05:32 18:09
10-04-2053 सप्तमी मूल 05:31 18:10
11-04-2053 अष्टमी पूर्वाषाढ़ा 05:30 18:10
12-04-2053 नवमी उत्तराषाढ़ा 05:29 18:11
13-04-2053 दशमी श्रवण 05:28 18:11
14-04-2053 एकादशी धनिष्ठा 05:27 18:12
15-04-2053 द्वादशी शतभिषा 05:26 18:12
16-04-2053 त्रयोदशी पूर्वा भाद्रपद 05:25 18:13
17-04-2053 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 05:24 18:13
18-04-2053 अमावस्या रेवती 05:23 18:14
19-04-2053 प्रतिपदा अश्विनी 05:22 18:14
20-04-2053 द्वितीया भरणी 05:21 18:15
21-04-2053 तृतीया कृत्तिका 05:20 18:15
22-04-2053 चतुर्थी रोहिणी 05:20 18:16
23-04-2053 पंचमी मृगशिरा 05:19 18:16
24-04-2053 षष्ठी पुनर्वसु 05:18 18:17
25-04-2053 सप्तमी पुष्य 05:17 18:17
26-04-2053 नवमी आश्लेषा 05:16 18:18
27-04-2053 दशमी मघा 05:15 18:18
28-04-2053 एकादशी पूर्वा फाल्गुनी 05:15 18:19
29-04-2053 द्वादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:14 18:19
30-04-2053 त्रयोदशी हस्त 05:13 18:20

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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