व्रत और त्योहार — दिसंबर 1935

पिंपरी, Pune Division, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-12-1935
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
07-12-1935
शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
10-12-1935
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
13-12-1935
शुक्रवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-1935
सोमवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 02:21
21-12-1935
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
23-12-1935
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
25-12-1935
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1935 षष्ठी श्रवण 06:50 17:56
02-12-1935 सप्तमी धनिष्ठा 06:50 17:56
03-12-1935 अष्टमी शतभिषा 06:51 17:57
04-12-1935 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:51 17:57
05-12-1935 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:52 17:57
06-12-1935 एकादशी रेवती 06:53 17:57
07-12-1935 द्वादशी अश्विनी 06:53 17:57
08-12-1935 त्रयोदशी भरणी 06:54 17:58
09-12-1935 चतुर्दशी कृत्तिका 06:55 17:58
10-12-1935 पूर्णिमा रोहिणी 06:55 17:58
11-12-1935 प्रतिपदा आर्द्रा 06:56 17:59
12-12-1935 द्वितीया पुनर्वसु 06:56 17:59
13-12-1935 तृतीया पुनर्वसु 06:57 17:59
14-12-1935 चतुर्थी पुष्य 06:58 18:00
15-12-1935 पंचमी आश्लेषा 06:58 18:00
16-12-1935 षष्ठी मघा 06:59 18:00
17-12-1935 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:59 18:01
18-12-1935 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:00 18:01
19-12-1935 नवमी हस्त 07:00 18:02
20-12-1935 दशमी चित्रा 07:01 18:02
21-12-1935 एकादशी स्वाति 07:01 18:03
22-12-1935 द्वादशी विशाखा 07:02 18:03
23-12-1935 त्रयोदशी अनुराधा 07:02 18:04
24-12-1935 चतुर्दशी ज्येष्ठा 07:03 18:04
25-12-1935 अमावस्या मूल 07:03 18:05
26-12-1935 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:04 18:05
27-12-1935 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:04 18:06
28-12-1935 तृतीया श्रवण 07:05 18:06
29-12-1935 चतुर्थी धनिष्ठा 07:05 18:07
30-12-1935 पंचमी शतभिषा 07:06 18:07
31-12-1935 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:06 18:08

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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