व्रत और त्योहार — मई 2002

पिंपरी, Pune Division, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
08-05-2002
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
09-05-2002
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
10-05-2002
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
12-05-2002
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
15-05-2002
बुधवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीयासंक्रांति वृषभ संक्रांति · 02:40
24-05-2002
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-05-2002
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
29-05-2002
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2002 पंचमी मूल 06:07 18:56
02-05-2002 षष्ठी पूर्वाषाढ़ा 06:06 18:56
03-05-2002 सप्तमी उत्तराषाढ़ा 06:06 18:57
04-05-2002 अष्टमी श्रवण 06:05 18:57
05-05-2002 नवमी धनिष्ठा 06:05 18:57
06-05-2002 दशमी शतभिषा 06:04 18:58
07-05-2002 दशमी पूर्वा भाद्रपद 06:04 18:58
08-05-2002 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 06:03 18:58
09-05-2002 द्वादशी उत्तरा भाद्रपद 06:03 18:59
10-05-2002 त्रयोदशी रेवती 06:02 18:59
11-05-2002 चतुर्दशी अश्विनी 06:02 19:00
12-05-2002 अमावस्या भरणी 06:01 19:00
13-05-2002 प्रतिपदा कृत्तिका 06:01 19:00
14-05-2002 द्वितीया रोहिणी 06:01 19:01
15-05-2002 तृतीया मृगशिरा 06:00 19:01
16-05-2002 चतुर्थी आर्द्रा 06:00 19:01
17-05-2002 पंचमी पुनर्वसु 06:00 19:02
18-05-2002 षष्ठी पुष्य 05:59 19:02
19-05-2002 सप्तमी आश्लेषा 05:59 19:03
20-05-2002 अष्टमी मघा 05:59 19:03
21-05-2002 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 05:58 19:03
22-05-2002 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 05:58 19:04
23-05-2002 द्वादशी हस्त 05:58 19:04
24-05-2002 त्रयोदशी चित्रा 05:58 19:04
25-05-2002 चतुर्दशी स्वाति 05:58 19:05
26-05-2002 पूर्णिमा अनुराधा 05:57 19:05
27-05-2002 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:57 19:06
28-05-2002 द्वितीया मूल 05:57 19:06
29-05-2002 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 05:57 19:06
30-05-2002 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 05:57 19:07
31-05-2002 पंचमी श्रवण 05:57 19:07

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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