व्रत और त्योहार — जुलाई 2021

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-07-2021
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
07-07-2021
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-07-2021
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
09-07-2021
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
16-07-2021
शुक्रवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
संक्रांति कर्क संक्रांति · 16:53
20-07-2021
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
21-07-2021
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-07-2021
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
27-07-2021
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-2021 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 06:06 19:35
02-07-2021 अष्टमी रेवती 06:06 19:35
03-07-2021 नवमी रेवती 06:06 19:35
04-07-2021 दशमी अश्विनी 06:07 19:35
05-07-2021 एकादशी भरणी 06:07 19:35
06-07-2021 द्वादशी कृत्तिका 06:07 19:35
07-07-2021 त्रयोदशी रोहिणी 06:08 19:35
08-07-2021 चतुर्दशी मृगशिरा 06:08 19:35
09-07-2021 अमावस्या आर्द्रा 06:09 19:34
10-07-2021 अमावस्या पुनर्वसु 06:09 19:34
11-07-2021 प्रतिपदा पुष्य 06:09 19:34
12-07-2021 द्वितीया आश्लेषा 06:10 19:34
13-07-2021 तृतीया मघा 06:10 19:34
14-07-2021 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 06:11 19:34
15-07-2021 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 06:11 19:33
16-07-2021 सप्तमी हस्त 06:11 19:33
17-07-2021 अष्टमी चित्रा 06:12 19:33
18-07-2021 नवमी स्वाति 06:12 19:33
19-07-2021 दशमी विशाखा 06:13 19:32
20-07-2021 एकादशी अनुराधा 06:13 19:32
21-07-2021 द्वादशी ज्येष्ठा 06:13 19:32
22-07-2021 त्रयोदशी मूल 06:14 19:31
23-07-2021 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 06:14 19:31
24-07-2021 पूर्णिमा उत्तराषाढ़ा 06:15 19:31
25-07-2021 द्वितीया श्रवण 06:15 19:30
26-07-2021 तृतीया धनिष्ठा 06:16 19:30
27-07-2021 चतुर्थी शतभिषा 06:16 19:29
28-07-2021 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:16 19:29
29-07-2021 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:17 19:29
30-07-2021 सप्तमी रेवती 06:17 19:28
31-07-2021 अष्टमी अश्विनी 06:18 19:28

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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