व्रत और त्योहार — दिसंबर 2022

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-12-2022
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
05-12-2022
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-12-2022
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
11-12-2022
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-2022
शुक्रवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 09:58
19-12-2022
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
21-12-2022
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
23-12-2022
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2022 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 07:09 18:02
02-12-2022 दशमी उत्तरा भाद्रपद 07:09 18:02
03-12-2022 एकादशी रेवती 07:10 18:02
04-12-2022 द्वादशी अश्विनी 07:11 18:02
05-12-2022 त्रयोदशी अश्विनी 07:11 18:02
06-12-2022 चतुर्दशी भरणी 07:12 18:02
07-12-2022 चतुर्दशी कृत्तिका 07:13 18:03
08-12-2022 पूर्णिमा रोहिणी 07:13 18:03
09-12-2022 प्रतिपदा मृगशिरा 07:14 18:03
10-12-2022 द्वितीया आर्द्रा 07:15 18:03
11-12-2022 तृतीया पुनर्वसु 07:15 18:04
12-12-2022 चतुर्थी पुष्य 07:16 18:04
13-12-2022 पंचमी आश्लेषा 07:16 18:04
14-12-2022 षष्ठी मघा 07:17 18:05
15-12-2022 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:18 18:05
16-12-2022 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 07:18 18:05
17-12-2022 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 07:19 18:06
18-12-2022 दशमी हस्त 07:19 18:06
19-12-2022 एकादशी चित्रा 07:20 18:07
20-12-2022 द्वादशी स्वाति 07:20 18:07
21-12-2022 त्रयोदशी विशाखा 07:21 18:08
22-12-2022 चतुर्दशी ज्येष्ठा 07:21 18:08
23-12-2022 अमावस्या मूल 07:22 18:09
24-12-2022 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:22 18:09
25-12-2022 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:23 18:10
26-12-2022 चतुर्थी श्रवण 07:23 18:10
27-12-2022 पंचमी धनिष्ठा 07:24 18:11
28-12-2022 षष्ठी शतभिषा 07:24 18:11
29-12-2022 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:24 18:12
30-12-2022 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:25 18:13
31-12-2022 नवमी रेवती 07:25 18:13

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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