व्रत और त्योहार — दिसंबर 2032

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-2032
बुधवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
02-12-2032
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
12-12-2032
रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंती
14-12-2032
मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-12-2032
बुधवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
संक्रांति धनु संक्रांति · 23:27
16-12-2032
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
20-12-2032
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
28-12-2032
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
30-12-2032
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2032 चतुर्दशी विशाखा 07:09 18:02
02-12-2032 अमावस्या अनुराधा 07:10 18:02
03-12-2032 प्रतिपदा ज्येष्ठा 07:10 18:02
04-12-2032 द्वितीया मूल 07:11 18:02
05-12-2032 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 07:12 18:02
06-12-2032 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 07:12 18:02
07-12-2032 पंचमी श्रवण 07:13 18:03
08-12-2032 षष्ठी धनिष्ठा 07:14 18:03
09-12-2032 सप्तमी शतभिषा 07:14 18:03
10-12-2032 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 07:15 18:03
11-12-2032 नवमी उत्तरा भाद्रपद 07:16 18:04
12-12-2032 दशमी रेवती 07:16 18:04
13-12-2032 द्वादशी अश्विनी 07:17 18:04
14-12-2032 त्रयोदशी भरणी 07:17 18:05
15-12-2032 चतुर्दशी कृत्तिका 07:18 18:05
16-12-2032 पूर्णिमा रोहिणी 07:18 18:06
17-12-2032 प्रतिपदा मृगशिरा 07:19 18:06
18-12-2032 द्वितीया आर्द्रा 07:20 18:06
19-12-2032 तृतीया पुनर्वसु 07:20 18:07
20-12-2032 चतुर्थी पुष्य 07:21 18:07
21-12-2032 पंचमी आश्लेषा 07:21 18:08
22-12-2032 पंचमी मघा 07:22 18:08
23-12-2032 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 07:22 18:09
24-12-2032 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 07:23 18:09
25-12-2032 अष्टमी हस्त 07:23 18:10
26-12-2032 नवमी चित्रा 07:23 18:11
27-12-2032 दशमी चित्रा 07:24 18:11
28-12-2032 एकादशी स्वाति 07:24 18:12
29-12-2032 द्वादशी विशाखा 07:25 18:12
30-12-2032 त्रयोदशी अनुराधा 07:25 18:13
31-12-2032 चतुर्दशी ज्येष्ठा 07:25 18:14

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

कुछ गड़बड़ हुई। फिर से लोड करें 🗙

Rejoining the server...

Rejoin failed... trying again in seconds.

Failed to rejoin.
Please retry or reload the page.

The session has been paused by the server.

Failed to resume the session.
Please retry or reload the page.