व्रत और त्योहार — अप्रैल 2083

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-04-2083
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
05-04-2083
सोमवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
12-04-2083
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
14-04-2083
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-04-2083
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 00:06
16-04-2083
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
20-04-2083
मंगलवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
28-04-2083
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
29-04-2083
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-2083 चतुर्दशी पूर्वा फाल्गुनी 06:39 19:02
02-04-2083 पूर्णिमा उत्तरा फाल्गुनी 06:38 19:02
03-04-2083 प्रतिपदा हस्त 06:37 19:02
04-04-2083 द्वितीया स्वाति 06:36 19:03
05-04-2083 तृतीया विशाखा 06:35 19:03
06-04-2083 चतुर्थी अनुराधा 06:34 19:03
07-04-2083 पंचमी ज्येष्ठा 06:33 19:04
08-04-2083 सप्तमी मूल 06:33 19:04
09-04-2083 अष्टमी पूर्वाषाढ़ा 06:32 19:05
10-04-2083 नवमी उत्तराषाढ़ा 06:31 19:05
11-04-2083 दशमी श्रवण 06:30 19:05
12-04-2083 एकादशी धनिष्ठा 06:29 19:06
13-04-2083 द्वादशी शतभिषा 06:28 19:06
14-04-2083 त्रयोदशी पूर्वा भाद्रपद 06:27 19:06
15-04-2083 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 06:26 19:07
16-04-2083 अमावस्या रेवती 06:26 19:07
17-04-2083 अमावस्या अश्विनी 06:25 19:07
18-04-2083 प्रतिपदा भरणी 06:24 19:08
19-04-2083 द्वितीया भरणी 06:23 19:08
20-04-2083 तृतीया कृत्तिका 06:22 19:09
21-04-2083 चतुर्थी रोहिणी 06:21 19:09
22-04-2083 पंचमी मृगशिरा 06:21 19:09
23-04-2083 षष्ठी आर्द्रा 06:20 19:10
24-04-2083 सप्तमी पुनर्वसु 06:19 19:10
25-04-2083 अष्टमी पुष्य 06:18 19:11
26-04-2083 नवमी आश्लेषा 06:18 19:11
27-04-2083 दशमी मघा 06:17 19:11
28-04-2083 एकादशी पूर्वा फाल्गुनी 06:16 19:12
29-04-2083 द्वादशी उत्तरा फाल्गुनी 06:16 19:12
30-04-2083 त्रयोदशी हस्त 06:15 19:13

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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