व्रत और त्योहार — जून 2094

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
09-06-2094
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
10-06-2094
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-06-2094
शुक्रवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
12-06-2094
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
15-06-2094
मंगलवार
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 22:54
23-06-2094
बुधवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
24-06-2094
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
26-06-2094
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
28-06-2094
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2094 तृतीया मूल 06:02 19:27
02-06-2094 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 06:02 19:27
03-06-2094 पंचमी श्रवण 06:02 19:28
04-06-2094 षष्ठी धनिष्ठा 06:02 19:28
05-06-2094 सप्तमी शतभिषा 06:02 19:29
06-06-2094 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 06:02 19:29
07-06-2094 नवमी उत्तरा भाद्रपद 06:02 19:29
08-06-2094 दशमी रेवती 06:02 19:30
09-06-2094 एकादशी अश्विनी 06:02 19:30
10-06-2094 द्वादशी भरणी 06:02 19:30
11-06-2094 चतुर्दशी कृत्तिका 06:02 19:31
12-06-2094 अमावस्या रोहिणी 06:02 19:31
13-06-2094 प्रतिपदा मृगशिरा 06:02 19:31
14-06-2094 प्रतिपदा आर्द्रा 06:02 19:32
15-06-2094 द्वितीया पुनर्वसु 06:02 19:32
16-06-2094 तृतीया पुष्य 06:02 19:32
17-06-2094 चतुर्थी पुष्य 06:02 19:33
18-06-2094 पंचमी आश्लेषा 06:03 19:33
19-06-2094 षष्ठी मघा 06:03 19:33
20-06-2094 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:03 19:33
21-06-2094 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:03 19:34
22-06-2094 नवमी हस्त 06:03 19:34
23-06-2094 दशमी चित्रा 06:04 19:34
24-06-2094 एकादशी स्वाति 06:04 19:34
25-06-2094 द्वादशी विशाखा 06:04 19:34
26-06-2094 त्रयोदशी अनुराधा 06:04 19:34
27-06-2094 चतुर्दशी ज्येष्ठा 06:05 19:35
28-06-2094 पूर्णिमा मूल 06:05 19:35
29-06-2094 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 06:05 19:35
30-06-2094 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 06:06 19:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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