व्रत और त्योहार — दिसंबर 1952

Rasapūdipalem, Visākhapatnam, Andhra Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-1952
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
05-12-1952
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-12-1952
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
14-12-1952
रविवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-12-1952
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति धनु संक्रांति · 11:03
17-12-1952
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
27-12-1952
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
28-12-1952
रविवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
31-12-1952
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1952 पूर्णिमा कृत्तिका 06:11 17:20
02-12-1952 प्रतिपदा रोहिणी 06:11 17:20
03-12-1952 द्वितीया मृगशिरा 06:12 17:20
04-12-1952 तृतीया आर्द्रा 06:12 17:20
05-12-1952 चतुर्थी पुनर्वसु 06:13 17:21
06-12-1952 पंचमी पुष्य 06:14 17:21
07-12-1952 षष्ठी आश्लेषा 06:14 17:21
08-12-1952 सप्तमी मघा 06:15 17:21
09-12-1952 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 06:15 17:22
10-12-1952 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:16 17:22
11-12-1952 नवमी हस्त 06:16 17:22
12-12-1952 दशमी चित्रा 06:17 17:23
13-12-1952 एकादशी स्वाति 06:18 17:23
14-12-1952 द्वादशी स्वाति 06:18 17:23
15-12-1952 त्रयोदशी विशाखा 06:19 17:24
16-12-1952 चतुर्दशी ज्येष्ठा 06:19 17:24
17-12-1952 अमावस्या मूल 06:20 17:25
18-12-1952 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 06:20 17:25
19-12-1952 तृतीया उत्तराषाढ़ा 06:21 17:26
20-12-1952 चतुर्थी श्रवण 06:22 17:26
21-12-1952 पंचमी धनिष्ठा 06:22 17:27
22-12-1952 षष्ठी शतभिषा 06:23 17:27
23-12-1952 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 06:23 17:28
24-12-1952 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 06:24 17:28
25-12-1952 नवमी रेवती 06:24 17:29
26-12-1952 दशमी अश्विनी 06:24 17:29
27-12-1952 एकादशी भरणी 06:25 17:30
28-12-1952 द्वादशी कृत्तिका 06:25 17:30
29-12-1952 त्रयोदशी रोहिणी 06:26 17:31
30-12-1952 चतुर्दशी मृगशिरा 06:26 17:31
31-12-1952 पूर्णिमा आर्द्रा 06:26 17:32

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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