व्रत और त्योहार — जनवरी 2033

Rasapūdipalem, Visākhapatnam, Andhra Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-2033
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
11-01-2033
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
12-01-2033
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-01-2033
शुक्रवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
पौष
संक्रांति मकर संक्रांति · 10:09
15-01-2033
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
19-01-2033
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-01-2033
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
28-01-2033
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-01-2033
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2033 अमावस्या मूल 06:27 17:33
02-01-2033 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 06:27 17:33
03-01-2033 द्वितीया श्रवण 06:27 17:34
04-01-2033 तृतीया धनिष्ठा 06:28 17:35
05-01-2033 पंचमी शतभिषा 06:28 17:35
06-01-2033 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 06:28 17:36
07-01-2033 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 06:29 17:37
08-01-2033 अष्टमी रेवती 06:29 17:37
09-01-2033 नवमी अश्विनी 06:29 17:38
10-01-2033 दशमी भरणी 06:29 17:38
11-01-2033 एकादशी कृत्तिका 06:29 17:39
12-01-2033 द्वादशी रोहिणी 06:30 17:40
13-01-2033 त्रयोदशी मृगशिरा 06:30 17:40
14-01-2033 चतुर्दशी आर्द्रा 06:30 17:41
15-01-2033 पूर्णिमा पुनर्वसु 06:30 17:41
16-01-2033 प्रतिपदा पुष्य 06:30 17:42
17-01-2033 द्वितीया आश्लेषा 06:30 17:43
18-01-2033 तृतीया मघा 06:30 17:43
19-01-2033 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 06:30 17:44
20-01-2033 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 06:30 17:45
21-01-2033 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 06:30 17:45
22-01-2033 षष्ठी हस्त 06:30 17:46
23-01-2033 सप्तमी चित्रा 06:30 17:46
24-01-2033 अष्टमी स्वाति 06:30 17:47
25-01-2033 नवमी विशाखा 06:30 17:47
26-01-2033 दशमी अनुराधा 06:30 17:48
27-01-2033 एकादशी ज्येष्ठा 06:29 17:49
28-01-2033 द्वादशी मूल 06:29 17:49
29-01-2033 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 06:29 17:50
30-01-2033 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 06:29 17:50
31-01-2033 प्रतिपदा श्रवण 06:29 17:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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