व्रत और त्योहार — जनवरी 2058

Rasapūdipalem, Visākhapatnam, Andhra Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-01-2058
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
07-01-2058
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
09-01-2058
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
13-01-2058
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-01-2058
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 20:09
21-01-2058
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
22-01-2058
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-01-2058
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
28-01-2058
सोमवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2058 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 06:27 17:33
02-01-2058 अष्टमी रेवती 06:27 17:33
03-01-2058 नवमी अश्विनी 06:27 17:34
04-01-2058 दशमी भरणी 06:28 17:35
05-01-2058 एकादशी कृत्तिका 06:28 17:35
06-01-2058 द्वादशी कृत्तिका 06:28 17:36
07-01-2058 त्रयोदशी रोहिणी 06:29 17:36
08-01-2058 चतुर्दशी मृगशिरा 06:29 17:37
09-01-2058 पूर्णिमा आर्द्रा 06:29 17:38
10-01-2058 प्रतिपदा पुनर्वसु 06:29 17:38
11-01-2058 द्वितीया पुष्य 06:29 17:39
12-01-2058 द्वितीया आश्लेषा 06:29 17:40
13-01-2058 तृतीया मघा 06:30 17:40
14-01-2058 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 06:30 17:41
15-01-2058 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 06:30 17:41
16-01-2058 षष्ठी हस्त 06:30 17:42
17-01-2058 सप्तमी हस्त 06:30 17:43
18-01-2058 अष्टमी चित्रा 06:30 17:43
19-01-2058 नवमी स्वाति 06:30 17:44
20-01-2058 दशमी अनुराधा 06:30 17:44
21-01-2058 एकादशी ज्येष्ठा 06:30 17:45
22-01-2058 त्रयोदशी मूल 06:30 17:46
23-01-2058 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 06:30 17:46
24-01-2058 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 06:30 17:47
25-01-2058 प्रतिपदा श्रवण 06:30 17:47
26-01-2058 द्वितीया धनिष्ठा 06:30 17:48
27-01-2058 तृतीया शतभिषा 06:29 17:49
28-01-2058 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:29 17:49
29-01-2058 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:29 17:50
30-01-2058 सप्तमी रेवती 06:29 17:50
31-01-2058 अष्टमी अश्विनी 06:29 17:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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